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Shimla News: सुरक्षा पर सवाल, दराट लेकर कैसे कुलपति कार्यालय में पहुंच गए छात्र

Wed, 23 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:59 PM IST
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Security questioned: how did the students reach the Vice Chancellor's office with sticks?
दो दिन पहले हुई मारपीट की घटना के बाद एचपीयू में कड़ी सुरक्षा के किए गए थे दावे, दूसरे दिन हथियारों के साथ पकड़े गए छात्र
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एचपीयू में 5000 छात्रों की सुरक्षा 25 गार्डों के भरोसे
गेट पर नहीं हो रही अभी भी जांच, कैसे रुकेंगी घटनाएं

खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला और यूआईटी परिसर में पढ़ने वाले करीब 5000 डे-स्कॉलर छात्रों की सुरक्षा महज 25 सुरक्षा गार्डों के भरोसे है। कैंपस में आने वाले छात्रों की नियमित जांच की पुख्ता व्यवस्था नहीं है। कुलपति कार्यालय में मंगलवार को दराट और रॉड लेकर पहुंचे छात्रों का मामला इसी सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को सामने लाता है।

लोग सवाल उठा रहे हैं कि छात्र कैसे दराट लेकर विवि परिसर में पहुंच गए। दो दिन पहले हुए झगड़े के बाद विवि परिसर में कड़ी सुरक्षा की बात कही जा रही थी। मुख्य गेट से लेकर विभागों और प्रशासनिक भवनों तक आने-जाने वाले छात्रों की पहचान और सामान की जांच के लिए कोई ऐसी व्यवस्था नजर नहीं आती, जिससे हथियार लेकर परिसर में पहुंचने से पहले ही रोक लगाई जा सके। विवि की सुरक्षा शाखा की जिम्मेदारी कार्यालयों, कर्मचारियों और छात्रों की सुरक्षा के साथ परिसर में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करना है। जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेना भी इसी शाखा के काम में शामिल है।
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सितंबर 2025 में पुलिस अधिकारियों ने भी विश्वविद्यालय में प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड और पुलिस बल की कमी को हिंसा बढ़ने का एक कारण बताया था। विश्वविद्यालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी ने परिसर में स्थायी पुलिस तैनाती का प्रस्ताव भी दिए जाने की बात कही थी। मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में एक और बड़ी कमी प्रशिक्षित बल की है। अब सवाल यह है कि जब परिसर में छात्र गुटों के बीच टकराव का खतरा लगातार बना हुआ है तो करीब 5000 डे-स्कॉलर छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रवेश जांच क्यों नहीं मजबूत की गई।
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विवि में सुरक्षा गार्ड के यह पद हैं सृजित
एचपीयू के उपलब्ध बजट में सुरक्षा शाखा में एक सुरक्षा अधिकारी, एक सहायक सुरक्षा अधिकारी सह अग्निशमन अधिकारी, नौ सुरक्षा पर्यवेक्षक और नौ सुरक्षा गार्ड के पद सृजित हैं। यह विश्वविद्यालय के पुराने स्वीकृत ढांचे का आंकड़ा है। यूआईटी में सुरक्षा व्यवस्था अलग से आउटसोर्स कर्मियों के जरिये चलती रही है। वर्ष 2017 के बाद विश्वविद्यालय परिसर में दो दर्जन पुलिस कर्मियों की पुलिस रिजर्व तैनाती की थी। यह व्यवस्था 2024 में खत्म हो गई। इसके बाद से विवि में सुरक्षा की कोई और व्यवस्था नहीं की गई है।



2 जून के बाद 15 मारपीट की घटनाएं
प्रो. महावीर सिंह के 2 जून 2025 को कुलपति बनने के बाद 23 सितंबर 2026 तक 15 मारपीट की घटनाएं दर्ज की गईं हैं। इनमें 26 जुलाई 2025 को आंबेडकर भवन के पास छात्रों में झड़प हुई थी। इसके बाद 18 सितंबर को एबीवीपी-एसएफआई में टकराव, 9 अक्तूबर को विश्वविद्यालय गेट के पास मारपीट, 27 फरवरी 2026 को छात्र संगठनों में झड़प, 3 जून को विधि विभाग के बाहर विवाद, 19 सितंबर को समरहिल चौक के पास टकराव और 22 सितंबर को मारपीट का मामला शामिल है। इसके अलावा भी परिसर और आस पास छात्रों में कई लड़ाईयां हुई है।
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