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Tourists Stuck In Cable Car: ट्रॉली में फंसे पर्यटकों ने जान बचाने के लिए पढ़ी हनुमान चालीसा, याद किए सभी भगवान

Mon, 20 Jun 2022 11:36 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Mon, 20 Jun 2022 11:36 PM IST
सार

परवाणू में टीटीआर रिजॉर्ट की केबल कार (ट्रॉली) में फंसने के छह घंटे बाद जमीन पर पहुंचे दिल्ली के पर्यटक ने कहा कि जान बचाने के लिए उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी। होटल प्रबंधकों की ओर से देरी से सहायता मिलने पर उन्होंने सभी भगवान को याद किया। 

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Tourists Stuck In Cable Car Parwanoo recited Hanuman Chalisa to save their life, remember all Gods
ट्रॉली में फंसी रहीं महिलाएं। - फोटो : संवाद

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के परवाणू स्थित टिंबर ट्रेल रिसॉर्ट (टीटीआर) की केबल कार (ट्रॉली) में फंसने के छह घंटे बाद जमीन पर पहुंचे दिल्ली के मनोज गोयल ने कहा कि जान बचाने के लिए उन्होंने सभी देवी-देवताओं को याद किया और हनुमान चालीसा पढ़ी। उनके साथ बीपी और शुगर के तीन मरीज थे, जिनकी घबराहट बढ़ती जा रही थी और उन्हें बचाने का कोई आश्वासन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि हमने होटल प्रबंधन से कोई मदद न मिलने पर अपने रिश्तेदारों और इंटरनेट से मीडिया के लोगों के नंबर निकालकर अपना वीडियो भेजा और व्यथा बताई। इसके बाद ही इन लोगों के हिमाचल सरकार और प्रशासन से संपर्क करने के बाद मदद के लिए टीम पहुंची।

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छह घंटे तक हमारी सांसें अटकी रहीं। मोबाइल ही सहारा बने रहे। करीब तीन घंटे बाद पानी की बोतलें ट्रॉली तक पहुंचीं। पर्यटक ने प्रबंधक पर आरोप लगाया कि रोपवे को बिना पर्यटकों की सुरक्षा के चलाया जा रहा है। टॉली में जो पर्यटक थे, उनमें कोई डायबिटीज तो कोई बीपी का मरीज था। हवा में अटकने के बाद दो लोगों की तबीयत भी खराब होने लगी। प्रबंधकों ने बचाने  के लिए रस्सी का एकमात्र सहारा देखा। पर्यटकों ने कहा कि अगर प्रशासन के पास रोपवे का प्रबंध होता तो उन्हें एक घंटे में निकाल लिया जाता, लेकिन निजी स्तर के ऐसे रोपवे होने के चलने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। 
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महिला थी हार्ट पेशेंट 
केबल कार में फंसे पर्यटकों में एक महिला रीता गोयल हार्ट की मरीज थी। इसके चलते रस्सी के सहारे उतरने से मना कर दिया। प्रशासन के संपर्क साधने और महिला को हौसला देने के बाद रस्सी के सहारे सुरक्षित नीचे उतारा गया। 
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आज होना है डायलिसिस
पर्यटकों में एक किडनी का मरीज मनोज गोयल भी केबल ट्रॉली में फंस गए। मरीज का मंगलवार को डायलिसिस होना है। पर्यटक ने उतरते ही प्रशासन और एनडीआरएफ टीम का आभार जताया। हालांकि, उससे पहले उन्होंने ट्रॉली में होटल प्रबंधकों को लापरवाही के लिए खूब कोसा।


उतरने के बाद भी बेसुध रहीं महिलाएं
भले ही ट्रॉली से महिलाओं को सुरक्षित उतार लिया गया, मगर कहीं न कहीं उनके मन में डर था। शीतल गुप्ता और डिंपल गोयल ट्रॉली से उतरने के बाद सदमे में थीं। जब उन्हें ट्रॉली से नीचे उतारा जा रहा था तो उनकी चीख निकल गई। उनकी आंखों में आंसू थे। जैसे ही महिलाओं को नीचे पहुंचाया जा रहा था तो वह बेसुध हो रही थीं। उनका बचाव टीम ने काफी हौसला बढ़ाया। इसके बाद वह सदमे से कुछ बाहर निकल पाईं।

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