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तत्तापानी में हजारों श्रद्धालु लगाएंगे आस्था की डुबकी
Sun, 13 Jan 2019 05:53 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करसोग (मंडी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करसोग (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 13 Jan 2019 05:53 PM IST
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मकर संक्रांति पर ऋषि जमदगनी की तपोस्थली तत्तापानी में सोमवार को हजारों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी पवित्र डुबकी लगाकर पहली बार जिला स्तरीय मेले का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके बाद भंडारे में वे पारंपरिक खिचड़ी का भी स्वाद चखेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान घाट विकास कार्य के लिए सतलुज नदी के तटों के सौंदर्यीकरण की आधारशिला रखेंगे।
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वे तत्तापानी के नरसिंह मंदिर परिसर में आयोजित किए जा रहे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री क्षेत्र के लिए करोड़ों से बनी साहज जस्सल साहबी धार उठाऊ पेयजल योजना का लोकार्पण करेंगे। तत्तापानी में मुख्यमंत्री की ओर से जनसभा संबोधन का कार्यक्रम भी है। इसमें करसोग क्षेत्र को कई नई सौगातें मिलने की उम्मीद है।
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इस बार अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद
तत्तापानी अपने आप में एक आस्था का केंद्र है। यहां लोहड़ी व मंकर संक्रांति का त्योहार खासी धूमधाम से मनाया जाता है। हर वर्ष यहां एक माह तक लोहड़ी मेले का आयोजन किया जाता है। पहले इस मेले की जिम्मेदारी जहां स्थानीय पंचायत पर होती थी। भाजपा सरकार बनते ही इस मेले को जिला स्तरीय घोषित कर दिया गया है। इससे इस मेले में और भी ज्यादा श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
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यह है मान्यता
तत्तापानी में रेजरवायर बनने से पहले प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मे हुआ करते थे, जहां श्रद्धालु स्नान व दान का महत्व मानते थे। प्राकृतिक चश्मे डूब गए हैं, लेकिन आस्था में कोई कमी नहीं हुई है। सरकार व प्रशासन के प्रयासों से जो कृत्रिम चश्मे बनाए गए हैं, अब वहां पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि यहां स्नान करने से ग्रहों की शांती मिलती है। यहां स्नान करने से चर्म रोगों से भी मुक्ति मिलती है। इसके अलावा यहां तोला दान का बड़ा महत्व है। ग्रहों की शांति के लिए यहां दूर-दूर से श्रद्धालु आकर तुलादान करते हैं।