तीन महकमों के सचिवों को सरकार ने भेजा कड़ा पत्र
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हिमाचल के अधिकारी आम जनता की शिकायतों पर सरकारी आदेशों को कैसे धत्ता बताते हैं? इसका ताजा उदाहरण सामने आया है। तीन महीने से आम आदमी की शिकायत का निवारण न होने पर राज्य सरकार ने अब तीन महकमों के सचिवों को दोबारा कड़ा पत्र लिखा है।
यह पत्र लोक निर्माण, राजस्व और शहरी विकास विभागों के प्रशासनिक सचिवों को लिखा गया है। साथ ही जल्द से जल्द समस्या के समाधान को कहा गया है। यह मामला टायर और वेल्डिंग का काम करने वाले शिमला के ढली निवासी सुदेश कुमार पुत्र जयप्रकाश की शिकायत से जुड़ा है।
नेशनल हाईवे अथारिटी ने सुदेश कुमार को ढली में अपनी दुकान और रिहायश खाली करने के आदेश दिए। उसकी दुकान और रिहायश को सरकार की जमीन पर अतिक्रमण बताया।
इसके बाद सुदेश कुमार ने सरकार को पत्र लिखा और कहा कि वह यहां 55 साल से रह रहा है। वह बेघर हो जाएगा और उसकी आय का एकमात्र साधन भी छिन जाएगा।
सरकार ने इन विभागों ने मांगी रिपोर्ट
उसने सरकार को शिकायत लिखी कि या तो उसकी तकलीफ का समाधान किया जाए या फिर उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। उसकी शिकायत पर सरकार ने लोक निर्माण, राजस्व और शहरी विकास विभागों को पत्र लिखे और उचित कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट मांगी।
जब तीन महीने बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली तो प्रधान सचिव जन शिकायत निवारण ने हाल ही में तीनों ही महकमों के सचिवों को कड़े पत्र लिखे कि तीन महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है।
इस पर मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया जाए। इस पर प्रधान सचिव राजस्व ने जिला प्रशासन शिमला को पत्र भेजकर तुरंत कार्रवाई कर सीधे तौर पर प्रधान सचिव जन शिकायत निवारण को अवगत करवाने को कहा है।