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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Jairam Thakur said 'If Himcare and Sahara schemes are discontinued, we will restore them in the first cabinet

एचपी: जयराम ठाकुर बोले- हिमकेयर, सहारा योजना बंद की तो सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में करेंगे बहाल

Wed, 26 Aug 2026 08:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Aug 2026 08:24 PM IST
सार

जयराम ठाकुर ने कहा कि आदमी की जिंदगी से बड़ी कोई चीज नहीं है और गरीब व्यक्ति को बेहतर इलाज की सुविधा मिलना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रहती है। उन्होंने कहा कि यदि हिम केयर और सहारा जैसी योजनाओं को बंद किया गया तो भाजपा की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में इन्हें पहले की तरह बहाल किया जाएगा।

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Jairam Thakur said 'If Himcare and Sahara schemes are discontinued, we will restore them in the first cabinet
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

 विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नियम-130 के तहत हुई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आदमी की जिंदगी से बड़ी कोई चीज नहीं है और गरीब व्यक्ति को बेहतर इलाज की सुविधा मिलना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी रहती है। उन्होंने कहा कि यदि हिम केयर और सहारा जैसी योजनाओं को बंद किया गया तो भाजपा की सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में इन्हें पहले की तरह बहाल किया जाएगा।

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जयराम ठाकुर ने कहा कि हिम केयर और आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को इलाज का सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इससे राहत मिलती थी, लेकिन सरकार ने योजना को बदनाम करने का काम किया। सरकार ने हिमाचल में इन योजनाओं को अपाहिज करने का एक कैंपेन सा चला दिया है। उन्होंने कहा कि किसी योजना में कमियां हों तो उन्हें दूर किया जाना चाहिए, न कि जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं को राजनीतिक विवाद में उलझाया जाना चाहिए।
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नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिम केयर और सहारा योजनाएं सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य मरीज को राहत देना होना चाहिए और इसमें राजनीति की कोई जगह नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सरकार को गंभीरता से जवाब देना चाहिए। जयराम ठाकुर ने विजिलेंस के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा, कहा कि ऐसा माहौल बना दिया गया है कि अधिकारी निर्णय लेने से डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी मामले को जबरन विजिलेंस जांच में ले जाना उचित नहीं है और अधिकारियों को कानून तथा नियमों के अनुसार निष्पक्षता से काम करने का वातावरण मिलना चाहिए।
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उन्होंने अधिकारियों को भी चेताया कि अगर विजिलेंस के अधिकारी दबाव में आकर जांच करेंगे तो सरकार बनने पर उनके खिलाफ भी जांच होगी। जांच से लेकर निर्णय तक सभी तथ्य देखे जाएंगे। हमारी भी अधिकारियों से बात होती है। वह भी कहते है कि गलत हो रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जिद्द पर अड़े हैं। सत्ता स्थायी नहीं होती और अधिकारियों को भी किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में जब भाजपा सत्ता में आई थी तो बदले की भावना से काम नहीं किया। बल्कि जनता की सेवा और व्यवस्था को बेहतर बनाने को प्राथमिकता दी। उन्होंने कांग्रेस सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को राजनीतिक लड़ाई से ऊपर उठकर मरीजों, गरीब परिवारों और प्रदेश की जनता के हित में फैसले लेने चाहिए।

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