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शिमला: टमाटर के दामों में आए उछाल से किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक
Wed, 30 Jun 2021 05:22 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, जुन्गा (शिमला)
अमर उजाला नेटवर्क, जुन्गा (शिमला)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 30 Jun 2021 05:22 PM IST
सार
एक सप्ताह में लाल सोना टमाटर के दाम तीन गुना बढ़े हैं। ट्रांसपोर्टर प्रदीप ब्रागटा ने बताया कि बुधवार को सोलन और पानीपत मंडी में 350 से चार सौ रुपये प्रति क्रेट टमाटर के दाम मिले हैं।
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टमाटर के दामों में उछाल से किसानों के चेहरे पर लौटी रौनक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लॉकडाउन के बाद टमाटर के दामों में अचानक उछाल आने से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के मशोबरा ब्लॉक के निचले क्षेत्रों से इन दिनों सैकड़ों टन टमाटर, शिमला मिर्च और फ्रासबीन प्रदेश और देश की विभिन्न मंडियों भेजी जा रही है। एक सप्ताह में लाल सोना टमाटर के दाम तीन गुना बढ़े हैं। ट्रांसपोर्टर प्रदीप ब्रागटा ने बताया कि बुधवार को सोलन और पानीपत मंडी में 350 से चार सौ रुपये प्रति क्रेट टमाटर के दाम मिले हैं।
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18 से 20 रुपये प्रतिकिलो टमाटर बिका। शुरुआती दौर में टमाटर पांच से सात रुपये प्रति किलो बिक रहा था। इससे किसानों की गाड़ी का भाड़ा भी पूरा नहीं हो रहा था। देश की विभिन्न मंडियों में हरियाणा से भारी मात्रा में टमाटर आने से भाव काफी कम हो गए थे। हरियाणा का सीजन अब खत्म होने वाला है। ऐसे में प्रदेश के किसानों को टमाटर का रेट 50 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंचने की उम्मीद है।
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प्रगतिशील किसान प्रीतम सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सोलन में गत वर्ष के दौरान हिमसोना टमाटर की क्रेट आठ सौ से एक हजार रुपये और हाइब्रिड का एक क्रेट 5 से 7 सौ रुपये में बिका था। जुन्गा क्षेत्र के गांव पीरन, ट्रहाई, नोवा, लखोटी, डूब्लु, टलेंजी, गौड़ा, शरगांव और नेईनेटी गांवों में सर्वाधिक टमाटर और अन्य नकदी फसलों का उत्पादन किया जाता है। इन क्षेत्रों से प्रतिदिन करीब दस गाड़ियां विभिन्न मंडियों को भेजी जा रही हैं।
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