सोलन: फिलहाल नहीं बदलेगा 116 वर्ष के केंद्रीय अनुसंधान संस्थान का नाम
वैक्सीन रिसर्च व जीवनरक्षक दवाओं का उत्पादन करने वाले केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली का नाम बदलने पर फिलहाल रोक लग गई है। यह रोक महानिदेशक स्वास्थ्य ने लगाई है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि महानिदेशक स्वास्थ्य ने संस्थान के नाम में बदलाव के लिए रोक लगाई है।
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116 वर्षों से देश में वैक्सीन रिसर्च व जीवनरक्षक दवाओं का उत्पादन करने वाले केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली का नाम बदलने पर फिलहाल रोक लग गई है। यह रोक महानिदेशक स्वास्थ्य ने लगाई है। केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली का नाम बदलने के लिए मंथन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि संस्थान का नाम बदलने के पीछे कई कारण थे। इनमें बड़ा कारण संस्थान वैक्सीन का अनुसंधान ही नहीं जबकि वैक्सीन विनिर्माण, प्रशिक्षण देना व कोविड सैंपलिंग की जांच भी शामिल थी। बायोलॉजी कार्य के चलते संस्थान के नाम के साथ अनुसंधान ही नहीं बल्कि बायोलॉजी नाम जोड़ने को लेकर भी महानिदेशालय की ओर से सुझाव आया था ताकि देशभर में संस्थान की अन्य उपलब्धियां भी उजागर हो सकें।
इन बातों पर मंथन करने के बाद संस्थान की ओर से खाका तैयार कर महानिदेशक कार्यालय भेजा जाना था कि उससे पहले इस पर रोक लगा दी गई है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली कर्मचारी संघ ने संस्थान का नाम बदलने की बात पता चलते ही विरोध शुरू कर दिया था। संघ ने विरोध में ज्ञापन भी सौंपा था। कर्मचारियों का कहना था कि संस्थान 116 वर्षों से बेहतर कार्य कर रहा है और संस्थान की सीआरआई से एक बड़ी पहचान है। कर्मचारी संघ के अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि महानिदेशक स्वास्थ्य ने संस्थान के नाम में बदलाव के लिए रोक लगाई है।