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पॉस मशीनों से घर पर बिल देने की योजना ठप
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सुपरवाइजरों के दबाव में एमसी ने बदला फैसला, वार्ड दफ्तर में जमा करने होंगे बिल
क्रॉसर
निगम ने घर पर बिल देने की बनाई थी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को पॉस मशीनों से घर पर कूड़े के बिल देने और डेबिट कार्ड से भुगतान करने की सुविधा देने की नगर निगम की योजना सुपरवाइजरों के दबाव में शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। इस कारण निगम को अपना फैसला बदलना पड़ा है।
लोगों को अब घर पर कूड़े के बिल नहीं मिलेंगे। इन्हें वार्ड दफ्तर में जाकर बिल लेने होंगे। वार्ड दफ्तर में ही डेबिट कार्ड से लोग बिल का भुगतान कर सकेंगे। शहर के ज्यादातर वार्डों में वार्ड कार्यालय की सुविधा नहीं है। ऐसे में उन्हें दूसरे वार्ड में जाकर बिल मिलेगा। इससे बेहतर विकल्प ऑनलाइन या लोकमित्र केंद्र के जरिये बिल भुगतान का है। नगर निगम अभी तक शहरवासियों को कूड़े के बिल मोबाइल मैसेज के जरिये भेजता है लेकिन हजारों लोग ऐसे हैं जिन्हें यह बिल नहीं मिलते।
कई ऐसे हैं जिन्हें ऑनलाइन बिल जमा करवाना नहीं आता। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए निगम ने पॉस मशीनों से घर पर जाकर बिल देने की योजना बनाई थी। सैहब सुपरवाइजरों को इसका जिम्मा दिया जा रहा था लेकिन सुपरवाइजरों ने इस काम से इनकार कर दिया। सुपरवाइजरों का तर्क है कि इससे ऑनलाइन व्यवस्था ठप हो जाएगी। वर्तमान प्रक्रिया से रिकवरी बढ़ रही है। इसे जारी रखना चाहिए।
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बैंक के जरिये बिल देने पर विचार
निगम प्रशासन का कहना है कि पॉस मशीनें तैयार करने वाले बैंक ने घर पर बिल जारी करने का प्रस्ताव दिया है। आने वाले दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है। यदि यह योजना सिरे चढ़ी तो बैंक कर्मचारी तैनात कर पॉस मशीनों से घर पर बिल देने का काम शुरू कर सकता है। यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है। अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि इस पर भी विचार किया जा रहा है।
अभी वार्ड दफ्तरों में
देंगे मशीनें : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि अभी वार्ड दफ्तरों में यह पॉस मशीनें दी जाएंगी। लोग अपने वार्ड कार्यालय में आकर बिल जमा करवा सकते हैं। इसके बाद घर पर बिल देने का फैसला लिया जाएगा।
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क्रॉसर
निगम ने घर पर बिल देने की बनाई थी योजना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को पॉस मशीनों से घर पर कूड़े के बिल देने और डेबिट कार्ड से भुगतान करने की सुविधा देने की नगर निगम की योजना सुपरवाइजरों के दबाव में शुरू होने से पहले ही ठप हो गई। इस कारण निगम को अपना फैसला बदलना पड़ा है।
लोगों को अब घर पर कूड़े के बिल नहीं मिलेंगे। इन्हें वार्ड दफ्तर में जाकर बिल लेने होंगे। वार्ड दफ्तर में ही डेबिट कार्ड से लोग बिल का भुगतान कर सकेंगे। शहर के ज्यादातर वार्डों में वार्ड कार्यालय की सुविधा नहीं है। ऐसे में उन्हें दूसरे वार्ड में जाकर बिल मिलेगा। इससे बेहतर विकल्प ऑनलाइन या लोकमित्र केंद्र के जरिये बिल भुगतान का है। नगर निगम अभी तक शहरवासियों को कूड़े के बिल मोबाइल मैसेज के जरिये भेजता है लेकिन हजारों लोग ऐसे हैं जिन्हें यह बिल नहीं मिलते।
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कई ऐसे हैं जिन्हें ऑनलाइन बिल जमा करवाना नहीं आता। ऐसे लोगों की सुविधा के लिए निगम ने पॉस मशीनों से घर पर जाकर बिल देने की योजना बनाई थी। सैहब सुपरवाइजरों को इसका जिम्मा दिया जा रहा था लेकिन सुपरवाइजरों ने इस काम से इनकार कर दिया। सुपरवाइजरों का तर्क है कि इससे ऑनलाइन व्यवस्था ठप हो जाएगी। वर्तमान प्रक्रिया से रिकवरी बढ़ रही है। इसे जारी रखना चाहिए।
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बैंक के जरिये बिल देने पर विचार
निगम प्रशासन का कहना है कि पॉस मशीनें तैयार करने वाले बैंक ने घर पर बिल जारी करने का प्रस्ताव दिया है। आने वाले दिनों में इस पर फैसला लिया जा सकता है। यदि यह योजना सिरे चढ़ी तो बैंक कर्मचारी तैनात कर पॉस मशीनों से घर पर बिल देने का काम शुरू कर सकता है। यह योजना अभी प्रारंभिक चरण में है। अतिरिक्त आयुक्त अजीत भारद्वाज ने कहा कि इस पर भी विचार किया जा रहा है।
अभी वार्ड दफ्तरों में
देंगे मशीनें : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त आशीष कोहली ने कहा कि अभी वार्ड दफ्तरों में यह पॉस मशीनें दी जाएंगी। लोग अपने वार्ड कार्यालय में आकर बिल जमा करवा सकते हैं। इसके बाद घर पर बिल देने का फैसला लिया जाएगा।