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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Relief for taxi drivers: Mukesh Agnihotri says contract carriage vehicles up to 15 years old will not be chall

टैक्सी चालकों को राहत: मुकेश बोले- हिमाचल में 15 साल तक के कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों के नहीं होंगे चालान

Thu, 27 Aug 2026 09:44 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 27 Aug 2026 09:44 PM IST
सार

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इन वाहनों की आयु 15 साल करना चाहती है, लेकिन मौजूदा वैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सरकार अपने स्तर पर आयु सीमा नहीं बढ़ा सकती।

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Relief for taxi drivers: Mukesh Agnihotri says contract carriage vehicles up to 15 years old will not be chall
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु 12 से बढ़ाकर 15 साल करने का मामला विधानसभा में उठा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इन वाहनों की आयु 15 साल करना चाहती है, लेकिन मौजूदा वैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सरकार अपने स्तर पर आयु सीमा नहीं बढ़ा सकती। मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है और केंद्र के निर्णय के बाद आगे की व्यवस्था की जाएगी। केंद्र से मिले पत्र और अब तक किए गए पत्राचार को सदन में रखा जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि सोशल मीडिया में चल रही सूचनाओं के आधार पर इस मामले को नहीं देखा जाना चाहिए।

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सरकार ने केंद्र से कांट्रैक्ट कैरिज के लिए भी आयु सीमा 15 साल करने का आग्रह किया है। जब तक केंद्र से निर्णय नहीं आता, तब तक राज्य की परिधि में चलने वाले ऐसे वाहनों को वैकल्पिक राहत दी जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी 15 साल तक के वाहनों के चालान नहीं करेंगे और पासिंग की व्यवस्था में भी आवश्यक सुविधा दी जाएगी। मुकेश ने कहा कि एआईटीपी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध व्यवस्था का लाभ ऑपरेटर उठा सकते हैं। एआईटीपी फीस कम करने का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। केंद्र में इस पर मंथन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार टैक्सी ऑपरेटरों के प्रति संवेदनशील है और जल्द समाधान चाहती है।

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दो ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन शुरू, पांच और बनेंगे
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के दो स्टेशन काम करना शुरू कर चुके हैं और पांच और स्थापित किए जाएंगे। इन स्टेशनों में वाहनों की फिटनेस की तकनीकी आधार पर जांच होगी। उन्होंने कहा कि जब तक ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन की व्यवस्था पूरी नहीं हो जाती, तब तक मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था जारी रखने के लिए केंद्र से आग्रह किया गया है। केंद्र से पत्र भी आया है और इस पर विचार-विमर्श चल रहा है।

जयराम बोले- केंद्र ने पहले ही 15 साल की व्यवस्था की, प्रदेश ने क्यों नहीं की
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर कई दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने उनके मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने टैक्सी वाहनों के लिए 15 साल की व्यवस्था पहले ही कर दी थी, ऐसे में प्रदेश सरकार ने समय रहते इसे लागू क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन कई जगहों से 150 से 200 किलोमीटर दूर हैं और वहां वाहनों में कई कमियां निकालकर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। सरकार को जल्द से जल्द मैनुअल फिटनेस जांच की व्यवस्था की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में टैक्सी ऑपरेटरों की महत्वपूर्ण भूमिका है और इस व्यवस्था का पर्यटन पर भी असर पड़ रहा है।

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