स्वाइन फ्लू ने मचाया हड़कंप, आप भी रहें अलर्ट
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हिमाचल के टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीज की मौत हो गई है। कांगड़ा के ज्वालामुखी निवासी मरीज को शुक्रवार को टांडा में भर्ती कराया गया था। लक्षण का अंदेशा होने के चलते उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा था।
शनिवार को उसके ब्लड सैंपल आईजीएमसी शिमला भेजे गए थे। रिपोर्ट आने से पहले उसकी मौत हो गई। टांडा मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. दिनेश सूद ने संदिग्ध मरीज की मौत होने की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्वाइन फ्लू की पुष्टि होगी।
वहीं, इस मौत से हड़कंप मच गया है। सरकार ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस फ्लू का सबसे ज्यादा खतरा गर्भवती महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों को होता है। जो पेशेंट कैंसर, डायबिटीज व कार्डियक से पीड़ित होते हैं, उनमें भी स्वाइन फ्लू होने के ज्यादा चांस होते हैं। इन पेशेंटों का इम्यून सिस्टम काफी कमजोर होता है। इसलिए ऐसे पेशेंट को ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है।
हमीरपुर-बिलासपुर की दो महिलाएं आईं चपेट में
वहीं, हमीरपुर की महिला की ब्लड सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। महिला को उपचार देने के अलावा उसके परिजनों और संपर्क में आए सात लोगों को एहतियात के तौर पर दवाई दी गई है। सूत्रों के अनुसार हमीरपुर की महिला कुछ दिन पहले राजस्थान गई थी।
लौटने पर बुखार और जुकाम हो गया। महिला ने डा. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा से सैंपल आईजीएमसी भेजे। यहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी हमीरपुर डा. संजय जगोता ने इसकी पुष्टि की है। उधर, बिलासपुर के कंदरौर की 55 वर्षीय महिला की रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई है। महिला को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है।
महिला को 12 फरवरी को वार्ड में भर्ती किया गया है। शनिवार को अस्पताल में आए सात मरीजों की जांच की गई। छह लोग की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने इसकी पुष्टि की है।
समय पर अलर्ट नहीं हुआ हिमाचल
देश भर में स्वाइन फ्लू तेजी से पांव पसार रहा था पर हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य महकमा अलर्ट नहीं हुआ। इसे हल्के में लिया, जिसका नतीजा रहा कि प्रदेश में भी अब स्वाइन फ्लू से मौतें शुरू हो गई हैं। प्रदेश में इस बीमारी की जांच के लिए एकमात्र शिमला के आईजीएमसी को केंद्र बनाया गया है। टांडा मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए मशीनें हैं, लेकिन वह खराब हैं।
ऐसे में ब्लड सैंपल शिमला भेजे जा रहे हैं। शिमला से स्वाइन फ्लू टेस्ट की रिपोर्ट आने में दो से तीन लग रहे हैं। शनिवार को संदिग्ध स्वाइन फ्लू से पीड़ित ज्वालामुखी के रहने वाले मरीज के खून के सैंपलों की रिपोर्ट न आने के कारण उसकी मौत हो चुकी है। शुक्रवार को टीएमसी प्रशासन ने मशीन ठीक होने का दावा किया था, मगर तकनीकी खराबी के कारण यहां पर सैंपल की रिपोर्ट ही नहीं आई।
शनिवार को फिर दो मरीजों के सैंपल शिमला भेजे गए थे। हालांकि, टीएमसी प्रशासन ने मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर मरीज को आइसोलेशन वार्ड में रखा था। शनिवार शाम मरीज की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। देर शाम उसने दम तोड़ दिया। कांगड़ा में पांच में से तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। दो में स्वाइन फ्लू की आशंका थी। सूत्रों के अनुसार आईजीएमसी में भी दोनों मरीजों के सैंपल शनिवार तक जांच के लिए नहीं पहुंचे थे। ऐसे में मरीजों की सेहत रामभरोसे ही चल रही है।
ऐसे करें स्वाइन फ्लू की पहचान
ए-हलका बुखार व जुकाम दवा लें और घर पर ही रहें।
बी-1-तेज बुखार व गला खराब डाक्टर को दिखाएं। घर पर ही रहें।
बी-2-गला खराब, तेज बुखार डाक्टर को दिखाएं और टेमीफ्लू खाएं।
(सीनियर सिटीजन, छोटा बच्चा, प्रेग्नेंट लेडी, कैंसर व डायबिटीज का मरीज है तो)
सी-बुखार, खांसी, जुकाम, सांस चढ़ना
इन्हें रखें अलर्ट
•5 साल से कम उम्र के बच्चे
•डायबिटीज के मरीज
•अस्थमा के मरीज, जिनका इलाज चल रहा हो
•कफ और कोल्ड, लगातार खांसी आना
•नींद न आना, बहुत ज्यादा थकान होना
•बुखार, दवा खाने के बाद भी बुखार लगातार बढ़ना
खुद रोक सकते हैं वायरस
•जब भी खांसें तो मुंह पर हाथ या रुमाल रखें
•फ्लू के सीजन में किसी से हाथ न मिलाएं
•पौष्टिक भोजन खाएं, बुखार पर आराम करें
•बुखार वाले का तौलिया व रुमाल अलग कर दें
•खाना खाने से पहले या बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह से धोएं
•बच्चे को बुखार व कफ हो तो उसे स्कूल न जाने दें
•जब कंफर्म केस आए तो उस व्यक्ति जो भी सामान छुआ तो उसे साफ करें
नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना
फेफड़े, किडनी या दिल की बीमारी के मरीज
मांसपेशियों में दर्द या अकड़न महसूस करना