अब स्वास्थ्य केंद्रों में भी होगी सर्जरी, आंखों-गायनी के ऑपरेशन
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राज्य सरकार ने पीएचसी और एचएससी को वेलनेस केंद्र बनाने का फैसला लिया है। इन केंद्रों में स्पेशलिस्ट डॉक्टर सेवाएं देंगे। प्रति पीएचसी में 15 से 20 बेड लगाए जाएंगे। सर्जरी, आंखों, गायनी के ऑपरेशन भी इन्हीं केंद्रों में हो सकेंगे। 31 मार्च तक सरकार हिमाचल के 132 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों को वेलनेस केंद्र बनाएगी। चंबा जिले के समोट और सुंडला में वेलनेस केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है। वर्ष 2022 तक सभी केंद्रों में यह सुविधा मुहैया होगी।
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने यह जानकारी आयुष्मान भारत के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए हेल्थ व वेलनेस सेंटर को क्रियान्वित करने के लिए आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना से हिमाचल के 21 लाख से अधिक लोग पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवच के दायरे में आ चुके हैं।
परमार ने कहा कि टांडा और आईजीएमसी शिमला में चिकित्सकों के लिए वॉक इन इंटरव्यू के बाद सोलन में भी यह साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं। लगभग 350 पदों को इन साक्षात्कार के माध्यम से भरा जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य संसाधन केंद्र की कार्यकारी निदेशक डॉ. रजनी वैद्य ने वेलनेस केंद्रों के क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी। विशेष सचिव स्वास्थ्य निपुण जिंदल ने गुणात्मक स्वास्थ्य उपचार पर विशेष बल दिया गया है।
सलाहकार डॉ. गरिमा गुप्ता ने भी इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों की स्थापना व इनके संचालन पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इससे पूर्व, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मनमोहन शर्मा ने स्वागत किया और राज्य में वेलनेस केंद्रों के क्रियान्वयन पर जानकारी दी।