फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   story of isis war victims mosul iraq

पिता का चेहरा तक नहीं देख पाई चार साल की अनन्या, कहर से अंजान मासूम

Wed, 21 Mar 2018 01:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर/सुंदरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर/सुंदरनगर Updated Wed, 21 Mar 2018 01:30 PM IST
विज्ञापन
story of isis war victims mosul iraq
चार वर्ष की अनन्या पिता का चेहरा तक नहीं देख सकी। गरीबी दूर करने इराक गया परिवार का इकलौता बेटा नहीं लौटा। मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र के बायला निवासी हेमराज की इराक के मोसुल में हत्या से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हेमराज 31 जुलाई 2013 को इराक गया था। 14 जून 2014 को आखिरी बार पत्नी निर्मला से हेमराज की बात हुई थी।
विज्ञापन



उधर पिता की मौत की खबर से अंजान संदीप के 7 वर्षीय बेटे रुद्राक्ष को पता ही नहीं था कि यकायक उनके घर इतना मातम या भीड़ क्यों है। करीब साढ़े चार साल पहले जब संदीप रोजी रोटी के लिए इराक गया था तो रुद्राक्ष महज ढाई साल का था। अपने बेटे और परिवार के बेहतर भविष्य के लिए संदीप ने जो ख्वाब देखे थे, वे सब बुजुर्ग माता-पिता व पत्नी के विलाप में ओझल होते दिखे। 
विज्ञापन

कहर से अंजान मासूम

story of isis war victims mosul iraq

संदीप जब इराक गए थे, उस दौरान रुद्राक्ष पिता को अच्छे से पापा भी नहीं बोल पाता था। रुद्राक्ष ने पहली कक्षा और बेटी पुल्कित ने पांचवी कक्षा की परीक्षा दी है।

इस दुखद खबर के आने से पहले तक पूरे परिवार को जो संदीप के देर-सवेर घर वापस लौटने की उम्मीद थी, वो भी टूट गई और परिवार पर टूटे इस कहर से अंजान मासूम बच्चों को अपने पिता का दुलार मिलने की आस भी हमेशा के लिए गम में तबदील हो गई।


इन मासूम बच्चों को न तो अब पिता का दुलार नसीब होगा और जिनके सुनहरे भविष्य की तलाश में संदीप करीब चार साल पहले इराक गया था, वह भी उनके बचपन की यादों को अपनी आंखों में समेटने से महरूम रह गया।

जन्मदिन के एक माह बाद उसी तारीख को मौत की पुष्टि

story of isis war victims mosul iraq

धमेटा के संदीप की मौत की पुष्टि उसके जन्मदिन के ठीक एक माह बाद उसी तारीख को हुई। संदीप का जन्म 20 फरवरी 1976 को हुआ था। वह 15 जून 2014 से इराक में लापता था।

सितंबर 2017 में केंद्र सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने संदीप के माता-पिता और बहन के खून के नमूने डीएनए जांच के लिए लिए थे। उन्हें फतेहपुर अस्पताल बुलाया गया था। उसी दिन परिवार वालों की उम्मीद टूटने लगी थी, लेकिन उनका दिल मानने को तैयार नहीं था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed