नैतिकता का पाठ पढ़ेंगे विद्यार्थी, धर्मगुरु दलाईलामा के सहयोग से शुरू होगा कोर्स
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प्रदेश के सबसे पुराने धर्मशाला कॉलेज में अब छात्र-छात्राएं नैतिक शिक्षा का पाठ भी पढ़ेंगे। यहां बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के सहयोग से विशेष कोर्स शुरू होगा। इसमें विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा के साथ धार्मिक शिक्षा का भी ज्ञान दिया जाएगा।
नैक ए-ग्रेड धर्मशाला महाविद्यालय में शुरू होने वाले इस कोर्स के लिए दलाईलामा सहयोग करेंगे। कोर्स से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर महाविद्यालय प्रशासन ने दलाईलामा कार्यालय और शिक्षा विभाग को भेज दिया है।
दलाईलामा कार्यालय और शिक्षा विभाग से हरी झंडी मिलते ही महाविद्यालय में कोर्स शुरू होगा। प्रशासन ने इस संदर्भ में प्रस्ताव बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के समक्ष महाविद्यालय में नैतिक शिक्षा का प्रस्ताव रखा था।
दलाईलामा ने इसे स्वीकार करते हुए महाविद्यालय में कोर्स शुरू करने को लेकर सहमति जताई थी। इस पर दलाईलामा कार्यालय से बाकायदा महाविद्यालय प्रशासन को एक प्रारूप प्रदान किया गया था। प्रारूप में कई विषयों को जोड़कर उसे दोबारा दलाईलामा कार्यालय को भेजा गया है।
शुरुआती दौर में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा
शुरुआती दौर में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स के रूप में महाविद्यालय में नैतिक शिक्षा का कोर्स शुरू होगा। इसमें महाविद्यालय का कोई भी विद्यार्थी प्रवेश ले सकता है। कोर्स में नैतिक शिक्षा के तहत अच्छे आचरण, धार्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक ज्ञान, पारंपरिक ज्ञान सहित अन्य शिक्षाओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
प्रोजेक्ट शिक्षा विभाग को भेजा
महाविद्यालय में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के सहयोग से नैतिक शिक्षा का कोर्स शुरू किया जाएगा। प्रोजेक्ट तैयार करके दलाईलामा कार्यालय और शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है। - सुनील के. मेहता, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय, धर्मशाला।