पुरुषों के साथ सर्विस सेंटर में गाड़ियों की मरम्मत कर रहीं स्नेहलता, दर्द भरी है कहानी
महिलाएं किसी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं रहना चाहतीं। इसका उदाहरण कांगड़ा जिले में देखने को मिल रहा है। अकसर सर्विस सेंटर में पुरुष ही सेवाएं देते हैं, लेकिन मनेई गांव की रहने वाली स्नेहलता पुरुषों के साथ गाड़ियों की मरम्मत कर रही हैं।
वर्ष 2019 में शाहपुर आईटीआई से दो साल का मेकेनिक कोर्स पूरा करने के बाद 23 साल की स्नेहलता महिंद्रा एंड महिंद्रा के हटवास स्थित सर्विस सेंटर में गाड़ियों की मरम्मत कर रही हैं। स्नेह लता जब वह आठ साल की थी तो पिता गुजर गए और 12 साल की उम्र में मां का देहांत हो गया।
जमा दो तक की पढ़ाई के बाद राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान शाहपुर से 2019 में टेक्निकल ट्रेड में दो वर्षीय कोर्स पास किया है। हटवास स्थित सर्विस सेंटर में मकैनिक के पदों को भरने की प्रक्रिया चली तो स्नेह ने खुद को इस पंक्ति में खड़ा कर दिया और काम का मौका मांगा।
सेंटर में ट्रेनी टेक्नीशियन के तौर पर काम मिल गया है। हर महीने सात हजार रुपये वेतनमान मिल रहा है। स्नेह लता ने कहा कि मेहनत से काम करेंगी। कंपनी के सर्विस प्रबंधक राकेश ठाकुर ने कहा कि स्नेहलता ट्रेनी टेक्नीशियन के तौर पर रखा गया है।