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सिरमौर: चूड़धार यात्रा पर रोक, छह माह तक नहीं होंगे शिरगुल महाराज के दर्शन
Sat, 04 Dec 2021 06:14 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 04 Dec 2021 06:14 PM IST
सार
चूड़ेश्वर सेवा समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से चूड़धार यात्रा पर छह महीने के लिए रोक लगा दी गई है। इसलिए कोई भी यात्री चूड़धार जाने का जोखिम न उठाए। प्रशासन के आदेशानुसार आगामी एक मई तक चूड़धार यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा।
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प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चूड़धार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार की यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगा दी है। अब श्रद्धालुओं को छह माह तक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर शिरगुल महाराज के दर्शन नहीं होंगे। एसडीएम चौपाल चेत राम ने इसकी पुष्टि की है। प्रशासन के आदेशानुसार आगामी एक मई तक चूड़धार यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा। चूड़धार चोटी पर बर्फबारी के बाद शुक्रवार शाम को चूड़ेश्वर सेवा समिति का सारा स्टाफ और कारोबारी भी अपने घरों को लौट गए हैं। अब यहां न ठहरने की व्यवस्था है और न ही खाने-पीने की। मंदिर के कपाट भी बंद कर दिए हैं। समिति के प्रबंधक बाबूराम शर्मा ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अब चूड़धार की यात्रा न करें।
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बर्फबारी के बाद चोटी पर ठिठुरन बढ़ गई है। तापमान माइनस में चला गया है। मंदिर में सिर्फ स्वामी कमलानंद महाराज तपस्या में लीन हैं और उनके साथ एक सेवादार है। सेवादार भी कुछ दिन बाद अपने घर लौट जाएंगे। वीरवार और शुक्रवार को चूड़धार चोटी पर ताजा हिमपात हुआ है। चूड़धार में आने वाले श्रद्धालुओं को ठंड से बचाने के लिए समिति कंबल का प्रबंध करती है। उनके खाने-पीने और धर्मशालाओं में ठहरने की व्यवस्था भी मंदिर कमेटी और चूड़ेश्वर सेवा समिति की ओर से की जाती है।
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