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गुड़िया केसः मुंह पर काली पट्टी बांध कर किया मौन प्रदर्शन, उठाई ये मांग

Tue, 19 Dec 2017 07:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 19 Dec 2017 07:19 PM IST
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Silent protest at high court shimla by gudiya nyay manch

गुड़िया न्याय मंच ने सीबीआई पर गुड़िया के कातिलों को पकड़ने की जगह मामले को लटकाने और उलझाने का आरोप लगाया है। गुड़िया न्याय मंच, शिमला नागरिक सभा सहित कई अन्य सामाजिक संगठनों ने गुड़िया को न्याय दिलवाने के लिए हिमाचल हाईकोर्ट के बाहर मुंह पर काली पट्टियां बांधकर मौन प्रदर्शन किया। 

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गुड़िया न्याय मंच के सह संयोजक और शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि पुलिस, सरकार और सीबीआई से जनता का विश्वास उठ चुका है। अब केवल हाईकोर्ट से उम्मीद बची है। 
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मौन प्रदर्शन के माध्यम से कोर्ट से अपील की है कि गुड़िया के कातिलों को जल्द से जल्द पकड़ में लाने के लिए जांच एजेंसियों पर दबाव बनाए। 
गुड़िया न्याय मंच के बैनर तले सैकड़ों लोग मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे हाईकोर्ट के गेट के पास पहुंचे। 

यहां पहले से ही गेट को बंद कर भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। मुंह पर काली पट्टियां बांध कर आए मंच के कार्यकर्ता हाईकोर्ट के बाहर सड़क पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे से लेकर एक बजे तक मौन प्रदर्शन किया गया। 

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सीबीआई पर कसा जाना चाहिए शिकंजाः मेहरा

Silent protest at high court shimla by gudiya nyay manch

विजेंद्र मेहरा ने कहा कि प्रदेश में अंधेरगर्दी और जंगलराज कायम है। इस कारण लोगों को मुंह पर काली पट्टियां बांधकर हाईकोर्ट के सामने आना पड़ा है। उन्होंने कोर्ट से अपील करते हुए कहा कि सीबीआई पर शिकंजा कसा जाना चाहिए।

जनता का विश्वास पुलिस, सरकार और सीबीआई से पूरी तरह उठ चुका है। सीबीआई द्वारा गुनाहगारों को पकड़ने के लिए दस लाख रुपये की घोषणा कर अपनी किरकिरी करवाई है।

उन्होंने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिन लोगों पर जनता को सबसे ज्यादा संदेह था, सीबीआई ने उन पर जांच करने के बजाए उन्हें सरकारी गवाह बना दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गुड़िया के कातिलों को बचाने के लिए राजनेताओं, अफसरशाही और अमीरों की तिकड़ी काम कर रही है। विभिन्न जांच एजेंसियां भी उनके रुतबे और रसूख से प्रभावित रही हैं। 

 डीजीपी पर भी मांगी जांच

Silent protest at high court shimla by gudiya nyay manch

विजेंद्र मेहरा ने कहा कि नौ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी जेल में हैं। उनका नेतृत्व करने वाले हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक पर जांच क्यों नहीं कि गई? इसको लेकर भी सीबीआई को बताना चाहिए।

मौन प्रदर्शन में शिमला नागरिक सभा के सचिव कपिल शर्मा, किशोरी ढटवालिया, उत्तम चौहान, अंबेदकर सभा के प्रीतपाल सिंह मट्टू, नरेश गांधी, पहचान वुमेन वेलफेयर सोसाइटी की बिंदु जोशी, सीटू से बलबीर पराशर, बाबू राम, रिशु गर्ग, जनवादी महिला समिति से फालमा चौहान, सोनिया, आशु भारती,

कलावती, अमिता सूद, जनवादी नौजवान सभा से अशोक ठाकुर, पेंशनर्स एसोसिएशन से जगमोहन ठाकुर, रंजीव कुठियाला, रामप्रकाश, एसएफआई से ज्योति, दिनित, रमन थारटा, पवन शर्मा, अनिल नेगी, जीवन और अनिल सहित कई अन्य शामिल हुए।

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