Shimla Police: चिट्टा तस्करों पर पुलिस का कड़ा प्रहार, 15 माह में 1 हजार गिरफ्तार
शिमला पुलिस ने पंद्रह महीने में 600 से अधिक केस दर्ज कर 1,000 से अधिक नशा तस्करों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, नशा तस्करों के इस नेटवर्क को तोड़ने में सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क की अहम भूमिका है। पढ़ें पूरी खबर...
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शिमला पुलिस ने जिले में नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में लोगों की मदद से बड़ी कामयाबी हासिल की है। पंद्रह महीने में 600 से अधिक केस दर्ज कर 1,000 से अधिक नशा तस्करों को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचाया है। इसमें कई बड़े तस्करी के मामले भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इससे निपटने के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। लोग, युवा पुलिस को व्हाट्सएप, ईमेल, फोन, पत्र लिखकर और व्यक्तिगत रूप से सूचनाएं दे रहे हैं।
सूचनाएं देने वालों में स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थी, टैक्सी चालक, होटल कर्मचारी, महिला मंडल की सदस्य और ऐसे युवा शामिल हैं जोकि पहले किसी कारणवश नशे के आदी हो चुके थे लेकिन अब इसे छोड़ चुके हैं। नेपाल से चल रहे अफीम तस्करी के बड़े रैकेट का भी भंडाफोड़ किया है। इसमें पुलिस ने नारकंडा से तस्करी के सरगना रवि गिरि को गिरफ्तार किया है। मतियाना में नेपाल से लाई डेढ़ किलो अफीम और टुटीकंडी क्रॉसिंग में पुलिस ने 3.50 किलो अफीम पकड़ी है। चलौंठी में पंजाब के चार युवकों से 169 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। एसपी संजीव गांधी ने जब कार्यभार संभाला था तो उन्होंने नशा माफिया के खात्मे के लिए सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार करने पर जोर दिया था। अब इसके परिणाम सामने आने लगे हैं।
नशे के आदी युवा कर रहे हैं चोरियां
चिट्टे का नशा पहले युवा शौक, तनाव और दोस्तों के साथ करते हैं। तीन से चार बार चिट्टे का नशा करने पर इसकी लत लग जाती है। इसके बाद नशे का आदी युवा नशे की सामग्री खरीदने के लिए चोरी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। आयुष नाम के एक युवक ने नशे की दलदल में धंसने के बाद 9 चोरियों को अंजाम दिया है। नशा तस्करों पर कार्रवाई और निगरानी का असर है कि शहर में होने वाली चोरी की घटनाओं में कमी आई है।
नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने सोशल इंटीग्रेटेड इंटेलिजेंस नेटवर्क तैयार किया है। इसकी मदद से पुलिस नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इस लड़ाई में आम जनता को आगे आने की जरूरत है- संजीव कुमार गांधी, पुलिस अधीक्षक शिमला