{"_id":"628fbec27763896dfe4a90da","slug":"shimla-news-himachal-news-the-bull-climbed-on-the-lantern-of-a-building-in-lower-khalini-shimla-news-sml410154839","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोअर खलीनी में एक भवन के लेंटर पर चढ़ गया बैल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोअर खलीनी में एक भवन के लेंटर पर चढ़ गया बैल
विज्ञापन
मकान की छत पर चढ़े बैल को अग्निशमन कर्मचारियों ने किया रेस्क्यू।
शिमला। राजधानी के लोअर खलीनी में एक बैल निर्माणाधीन भवन के लेंटर पर चढ़ गया। लोगों को जब इसका पता चला तो वह उसे नीचे लाने की कोशिश करते रहे लेकिन बैल नीचे नहीं उतर पाया।
बैल 24 मई को लेंटर पर चढ़ गया था। इस दौरान लोग बैैल को वहीं घास और पानी देते रहे। बुधवार (25 मई) रात को लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। इसके बाद अग्निशमन विभाग के तीनों स्टेशनों से गए जवानों ने बैल को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया।
बैल सीढ़ियों से चढ़ता हुआ लेंटर पर पहुंच गया था। लोअर खलीनी निवासी मकान मालिक प्रताप खिमटा ने इस दौरान बैल के लिए घास तथा पानी का इंतजाम किया। वह बैल को सीढ़ियों से नीचे उतारने की कोशिश करते रहे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए।
विज्ञापन
बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र को इसकी सूचना दी। इसके बाद बैल को नीचे लाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अभियान फायर ऑफिसर भगत राम ठाकुर और बालुगंज फायर स्टेशन के भूपेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में चला। ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छह क्विंटल वजनी बैल को रस्सों से बांधकर नीचे उतारा गया। इसके बाद बैल को सुरक्षित जगह खुले में छोड़ दिया गया।
विज्ञापन
बैल 24 मई को लेंटर पर चढ़ गया था। इस दौरान लोग बैैल को वहीं घास और पानी देते रहे। बुधवार (25 मई) रात को लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। इसके बाद अग्निशमन विभाग के तीनों स्टेशनों से गए जवानों ने बैल को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य किया।
विज्ञापन
बैल सीढ़ियों से चढ़ता हुआ लेंटर पर पहुंच गया था। लोअर खलीनी निवासी मकान मालिक प्रताप खिमटा ने इस दौरान बैल के लिए घास तथा पानी का इंतजाम किया। वह बैल को सीढ़ियों से नीचे उतारने की कोशिश करते रहे लेकिन कामयाब नहीं हो पाए।
विज्ञापन
बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे छोटा शिमला अग्निशमन केंद्र को इसकी सूचना दी। इसके बाद बैल को नीचे लाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया। अभियान फायर ऑफिसर भगत राम ठाकुर और बालुगंज फायर स्टेशन के भूपेंद्र ठाकुर के नेतृत्व में चला। ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छह क्विंटल वजनी बैल को रस्सों से बांधकर नीचे उतारा गया। इसके बाद बैल को सुरक्षित जगह खुले में छोड़ दिया गया।