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शिमला: 1079 दिन से आंदोलन पर डटे दृष्टिबाधितों ने सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन, दिल्ली कूच की चेतावनी
Tue, 06 Oct 2026 11:20 AM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:20 AM IST
सार
शिमला में विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे दृष्टिबाधित युवाओं ने मंगलवार को सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। दृष्टिबाधित संघ के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि आंदोलन को 1079 दिन पूरे हो चुके हैं और अब तक कई दौर की वार्ता के बावजूद ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने दिव्यांगों के लिए आरक्षित बैकलॉग पदों को भरने समेत अन्य मांगों को लेकर सरकार से तत्काल वार्ता की मांग की। उनका कहना है कि मंगलवार को वार्ता नहीं हुई तो दिल्ली जाकर राहुल गांधी के आवास के घेराव और प्रधानमंत्री तथा दिव्यांगता आयुक्त को ज्ञापन देने का कार्यक्रम बनाया जाएगा।
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सचिवालय के बाहर दृष्टिहीन संघ के सदस्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे दृष्टिबाधित युवाओं ने मंगलवार को एक बार फिर सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन 1079 दिनों से जारी है, लेकिन कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं हो पाया है। दृष्टिबाधित संघ के सदस्य राजेश ठाकुर ने कहा कि दिव्यांगजन इतने लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब दिव्यांगजन सचिवालय के बाहर अपनी समस्याएं लेकर बैठे हैं तो उनकी समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
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1009 बैकलॉग पद भरने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न विभागों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित 1009 बैकलॉग पदों को भरने की मांग उठाई। राजेश ठाकुर ने दावा किया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद इन पदों को भरने की प्रक्रिया में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन किसी तरह की दया या भीख नहीं चाहते, बल्कि अपने अधिकारों के साथ सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर चाहते हैं।
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वार्ता नहीं हुई तो दिल्ली कूच का एलान
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार को सरकार की ओर से उन्हें वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो वे दिल्ली कूच करेंगे। राजेश ठाकुर के अनुसार, दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी के आवास के घेराव के साथ प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में जाकर सरकार की सद्बुद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।
27 अक्तूबर की सुनवाई पर भी नजर
दृष्टिबाधित संघ की ओर से यह भी कहा गया कि 27 अक्तूबर को होने वाली उच्च न्यायालय की सुनवाई उनके आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सुनवाई के बाद भी उनकी मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक स्थिति नहीं बनती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अगला कदम उठाया जाएगा। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के अनुसार अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मंगलवार को सरकार की ओर से उन्हें वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया तो वे दिल्ली कूच करेंगे। राजेश ठाकुर के अनुसार, दिल्ली पहुंचकर राहुल गांधी के आवास के घेराव के साथ प्रधानमंत्री और दिव्यांगता आयुक्त को ज्ञापन सौंपने की योजना है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ तो हिमाचल प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में जाकर सरकार की सद्बुद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी।
27 अक्तूबर की सुनवाई पर भी नजर
दृष्टिबाधित संघ की ओर से यह भी कहा गया कि 27 अक्तूबर को होने वाली उच्च न्यायालय की सुनवाई उनके आंदोलन के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सुनवाई के बाद भी उनकी मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक स्थिति नहीं बनती है तो आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अगला कदम उठाया जाएगा। लंबे समय से जारी इस आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के अनुसार अब तक उनकी प्रमुख मांगों पर अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।