हिमाचल में पांव पसारने लगा स्क्रब टायफस, अब तक तीन की मौत, 250 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा
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हिमाचल में स्क्रब टायफस पांव पसारने लगा है। अब तक इस बीमारी से 3 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि मरीजों का आंकड़ा ढाई सौ तक पहुंच गया है। बिलासपुर के सर्वाधिक 91 मामले सामने आए हैं।
कांगड़ा में 43, हमीरपुर में 47, मंडी में 30, शिमला में 12, सोलन में 10, चंबा में 6, कुल्लू और किन्नौर में दो और सिरमौर में 5 मामले सामने आए हैं। हिमाचल में पिछले तीन चार सालों में ही स्क्रब टायफस के मरीज आ रहे हैं। पहले अस्पतालों में 8 से 10 मरीज इस बीमारी की चपेट में आते थे।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शिमला में दो, जबकि मंडी जिले में एक मरीज की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी बीमारी को लेकर अस्पताल प्रशासनों को अलर्ट किया है। उन्होंने प्रशासन को दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक करने के निर्देश दिए हैं।
हिमाचल में बीमारी का निशुल्क उपचार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमाचल में बीमारी का इलाज निशुल्क किया गया है। बुखार आने से लोगों को तुरंत अस्पताल आने की सलाह दी जा रही है।
ऐसे होता है स्क्रब टायफस
बरसात के मौसम में घास में पनपने वाले पिस्सू के काटने से यह रोग फैलता है। इस कारण मरीज को सिरदर्द, बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द, कंपकंपी और शरीर पर लाल दाने, शरीर का थका होना जैसी समस्या होती है। ऐसे लक्षण होने पर मरीज को तुरंत चिकित्सकों के पास उपचार करवाने आना चाहिए।
ऐसे करें बचाव
बरसात के दिनों में घर के आसपास घास और झाड़ियां न उगने दें। घर के इर्द-गिर्द साफ-सफाई का ध्यान रखें। इसके अलावा खेतों में काम करने के दौरान पैरों और बाजुओं को अच्छे से ढककर रखना चाहिए। पार्क में टहलते हुए या पेड़-पौधों के बीच जाने से पहले पूरी बाजू के कपड़े पहनें। दो दिन से अधिक बुखार हो तो तुरंत उपचार करवाना चाहिए। रक्त की जांच भी करवानी चाहिए।