{"_id":"6a8effa3373bb551070c9e16","slug":"uproar-over-removal-of-taxi-operators-from-hunger-strike-scuffle-with-police-shimla-news-c-19-sml1002-776363-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: टैक्सी ऑपरेटरों को अनशन से उठाने पर हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: टैक्सी ऑपरेटरों को अनशन से उठाने पर हंगामा, पुलिस से धक्कामुक्की
विज्ञापन
चौड़ा मैदान से आमरण अनशन पर बैठे अभि को पुलिस जबरन ले गई आईजीएमसी, ऑपरेटर बोले-आंदोलन दबाने की है साजिश
आईजीएमसी से ऑपरेटर को फिर टैक्सी में लाया गया चौड़ा मैदान
पुलिस का तर्क, डॉक्टरों ने कहा था अभि का चेकअप करवाने को
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के चौड़ा मैदान में टैक्सी ऑपरेटरों के आमरण अनशन को लेकर बुधवार को खूब हंगामा हुआ। डॉक्टरों ने आमरण अनशन पर बैठे अभि ठाकुर और रामरत्न शर्मा का चेकअप किया। चिकित्सकों ने दोनों के रक्त के नमूने लिए और ब्लड प्रेशर समेत अन्य स्वास्थ्य की जांच की।
इसके बाद शाम को अचानक क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के जवान मौके पर आए और अभि ठाकुर को आईजीएमसी ले गए। इस दौरान पुलिस और टैक्सी ऑपरेटरों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि अभि ठाकुर को अनशन से जबरन उठाकर आईजीएमसी ले जाया गया और वहीं छोड़ दिया। वहीं पुलिस अधिकारी के मुताबिक दोपहर के समय डॉक्टरों ने जांच के बाद अनशन पर बैठे ऑपेरटर को आईजीएमसी में जांच के लिए भेजने को कहा था। इसके बाद पुलिस कर्मी ऑपरटेर के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे आईजीएमसी ले गए थे।
ऑल हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर्स एंड ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। शाम 6 बजे पुलिस अनशनकारी अभि ठाकुर को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जबरन उठाकर एंबुलेंस से आईजीएमसी ले गई। क्रमिक अनशन पर बैठी एक महिला और अन्य ऑपरेटर सड़क पर लेट गए। वहीं आईजीएमसी में अभि ठाकुर को चेकअप के बाद चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। अभि ठाकुर ने अस्पताल के बाहर खड़े होकर अपने साथियों को गाड़ी लेकर आने को कहा। इसके बाद वह दोबारा चौड़ा मैदान आकर अनशन पर बैठ गए।
विज्ञापन
राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर ने कहा कि सरकार की यह आंदोलन को दबाने की साजिश थी। सरकार सिर्फ अनशन स्थल चौड़ा मैदान से उन्हें हटाकर स्थान खाली करवाने की साजिशें रच रही है। पहले टेंट को हटाया, फिर पुलिस को आगे कर उन्हें जबरन परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल से लाइव होकर पर्ची दिखाते हुए कहा कि मुझे चिकित्सकों ने बताया, ईसीजी करवाने को कहा, मेरे पास एक रुपया नहीं है। मेरे पास चप्पलें भी नहीं हैं, बाकी मैं ठीक हूं।
ऑपरेटर प्रदेश में बस, ट्रक, ऑटो, मालवाहक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के परमिट की अवधि तय करने का ऑपरेटर विरोध कर रहे हैं। वहीं क्रमिक अनशन पर सन्नी शर्मा, सोनू, विनय शर्मा, शशि शर्मा, मनोज ठाकुर और पूनम नेगी बैठे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि प्रदेश में परमिट की अवधि 12 वर्ष है, जबकि कुछ राज्यों में यह अवधि 25 वर्ष तक है। उनका कहना है कि अवधि पूरी होने के बाद परमिट नहीं मिलने से प्रदेश के 40 हजार से अधिक टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
प्रदेशभर से आज जुटेंगे टैक्सी ऑपरेटर
परमिट अवधि 12 से बढ़ाकर फिटनेस के आधार पर 15 वर्ष करने की मांग को लेकर वीरवार को प्रदेशभर के टैक्सी ऑपरेटरों से चौड़ा मैदान पहुंचने की अपील की है। हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक चालकों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। संगठन ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये प्रदेशभर की यूनियनों को जोड़ा है।
विज्ञापन
आईजीएमसी से ऑपरेटर को फिर टैक्सी में लाया गया चौड़ा मैदान
पुलिस का तर्क, डॉक्टरों ने कहा था अभि का चेकअप करवाने को
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के चौड़ा मैदान में टैक्सी ऑपरेटरों के आमरण अनशन को लेकर बुधवार को खूब हंगामा हुआ। डॉक्टरों ने आमरण अनशन पर बैठे अभि ठाकुर और रामरत्न शर्मा का चेकअप किया। चिकित्सकों ने दोनों के रक्त के नमूने लिए और ब्लड प्रेशर समेत अन्य स्वास्थ्य की जांच की।
इसके बाद शाम को अचानक क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के जवान मौके पर आए और अभि ठाकुर को आईजीएमसी ले गए। इस दौरान पुलिस और टैक्सी ऑपरेटरों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि अभि ठाकुर को अनशन से जबरन उठाकर आईजीएमसी ले जाया गया और वहीं छोड़ दिया। वहीं पुलिस अधिकारी के मुताबिक दोपहर के समय डॉक्टरों ने जांच के बाद अनशन पर बैठे ऑपेरटर को आईजीएमसी में जांच के लिए भेजने को कहा था। इसके बाद पुलिस कर्मी ऑपरटेर के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उसे आईजीएमसी ले गए थे।
विज्ञापन
ऑल हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर्स एंड ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। शाम 6 बजे पुलिस अनशनकारी अभि ठाकुर को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर जबरन उठाकर एंबुलेंस से आईजीएमसी ले गई। क्रमिक अनशन पर बैठी एक महिला और अन्य ऑपरेटर सड़क पर लेट गए। वहीं आईजीएमसी में अभि ठाकुर को चेकअप के बाद चिकित्सकों ने छुट्टी दे दी। अभि ठाकुर ने अस्पताल के बाहर खड़े होकर अपने साथियों को गाड़ी लेकर आने को कहा। इसके बाद वह दोबारा चौड़ा मैदान आकर अनशन पर बैठ गए।
विज्ञापन
राम रत्न शर्मा और अभि ठाकुर ने कहा कि सरकार की यह आंदोलन को दबाने की साजिश थी। सरकार सिर्फ अनशन स्थल चौड़ा मैदान से उन्हें हटाकर स्थान खाली करवाने की साजिशें रच रही है। पहले टेंट को हटाया, फिर पुलिस को आगे कर उन्हें जबरन परेशान किया जा रहा है। उन्होंने अस्पताल से लाइव होकर पर्ची दिखाते हुए कहा कि मुझे चिकित्सकों ने बताया, ईसीजी करवाने को कहा, मेरे पास एक रुपया नहीं है। मेरे पास चप्पलें भी नहीं हैं, बाकी मैं ठीक हूं।
ऑपरेटर प्रदेश में बस, ट्रक, ऑटो, मालवाहक और अन्य वाणिज्यिक वाहनों के परमिट की अवधि तय करने का ऑपरेटर विरोध कर रहे हैं। वहीं क्रमिक अनशन पर सन्नी शर्मा, सोनू, विनय शर्मा, शशि शर्मा, मनोज ठाकुर और पूनम नेगी बैठे हैं। टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि प्रदेश में परमिट की अवधि 12 वर्ष है, जबकि कुछ राज्यों में यह अवधि 25 वर्ष तक है। उनका कहना है कि अवधि पूरी होने के बाद परमिट नहीं मिलने से प्रदेश के 40 हजार से अधिक टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
प्रदेशभर से आज जुटेंगे टैक्सी ऑपरेटर
परमिट अवधि 12 से बढ़ाकर फिटनेस के आधार पर 15 वर्ष करने की मांग को लेकर वीरवार को प्रदेशभर के टैक्सी ऑपरेटरों से चौड़ा मैदान पहुंचने की अपील की है। हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक चालकों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। संगठन ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये प्रदेशभर की यूनियनों को जोड़ा है।