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Shimla News: पंचायत सचिव पदों पर ग्राम रोजगार सेवकों को दें नियुक्ति
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चौड़ा मैदान में सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
बोले, चार महीने से 1,034 कर्मचारियों को नहीं मिला है वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ग्रामीण विकास विभाग में ग्राम रोजगार सेवक (जीआरएस) के रूप में ड्यूटी देने वाले सैकड़ों कर्मचारियों ने बुधवार को हल्ला बोला। सुबह करीब 11 बजे चौड़ा मैदान में 600 से अधिक ग्राम रोजगार सेवक पहुंचे।
इसके बाद ग्राम रोजगार सेवकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू की। उन्होंने मांग की कि उन्हें पंचायत सचिव के रिक्त पदों पर मर्ज किया जाए। चार महीने से राज्य के 1,034 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बकाया वेतन जारी करने की मांग की। संघ का कहना है कि प्रदेश में कार्यरत हजारों जीआरएस को तनख्वाह नहीं मिली है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर, जिलाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि साल 2008 से जून 2026 तक जीआरएस से संबंधित निरस्त की गई अधिसूचनाओं को बहाल किया जाए।
वहीं उनकी सेवा को 2008 से लगातार जारी रखते हुए फिक्स्ड वेतन की अधिसूचना को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था के अनुसार वेतन देने की मांग की। जनवरी 2023 के बाद महंगाई भत्ता, इंक्रीमेंट और अन्य वित्तीय लाभ विभाग की ओर से रोके हैं। इनका पिछला एरियर भी जारी किया जाए। संघ ने 6,800 रुपये प्रतिमाह फिक्स्ड वेतन पर कार्य कर रहे 74 जीआरएस को पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद अधिसूचना के अनुसार दैनिक वेतनभोगी श्रेणी में तब्दील करने और 5 वर्ष पूरे होने पर एरियर देने की मांग की। वहीं जिन दैनिक वेतनभोगी ग्राम रोजगार सेवकों का 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उन्हें नियमित वेतनमान में तब्दील करने की मांग प्रदर्शन के माध्यम से उठाई गई। इसके अलावा यह भी कहा कि महंगाई भत्ता, इंक्रीमेंट, मेडिकल रिइम्बर्समेंट, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा इस व्यवस्था में सुधार किया जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय कुमार, संगठन महामंत्री यशवंत ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, सह-कोषाध्यक्ष पूनम कुमारी, संतोष कुमारी, अरुणा नेगी, संगठन सचिव रूप लाल, संगठन सह सचिव भुवनेश परमार, यशपाल, दिनेश कुमार, अमित कुमार, उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, हरदीप कुमार, शशि पाल, देवेंद्र वर्मा, सह सचिव राम रत्न, विनोद कुमार, अंजना कुमारी, श्यामा शर्मा, रवींद्रा कुमारी, प्रेस सचिव अनिल कुमार, शिव कुमार, गुड्डू शर्मा, रमा देवी, मुख्य सलाहकार धर्म सिंह, सलाहकार मनोज कुमार, देवराज, मनदीप सिंह, मनीष कुमार और जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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ग्राम रोजगार सेवक... खबर का जोड़
फोटो सहित... मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन, कहा मांगों को किया जाएगा पूरा
शिमला। जीआरएस को पंचायत सचिवों के रिक्त पदों पर मर्ज किया जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में ग्राम रोजगार सेवकों से मुलाकात की। उनकी मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनकी मांगों को जल्द पूरा करें। उन्होंने बताया कि एलडीआर के तहत यह प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी, क्योंकि पूरे प्रदेश में करीब 1,100 पंचायत सचिवों के पद खाली हैं। ऐसे में जीआरएस को इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा चार महीने से जो वेतन नहीं मिला है, उसका भुगतान भी सरकार की ओर से किया जाएगा।
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बोले, चार महीने से 1,034 कर्मचारियों को नहीं मिला है वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। ग्रामीण विकास विभाग में ग्राम रोजगार सेवक (जीआरएस) के रूप में ड्यूटी देने वाले सैकड़ों कर्मचारियों ने बुधवार को हल्ला बोला। सुबह करीब 11 बजे चौड़ा मैदान में 600 से अधिक ग्राम रोजगार सेवक पहुंचे।
इसके बाद ग्राम रोजगार सेवकों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी शुरू की। उन्होंने मांग की कि उन्हें पंचायत सचिव के रिक्त पदों पर मर्ज किया जाए। चार महीने से राज्य के 1,034 कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बकाया वेतन जारी करने की मांग की। संघ का कहना है कि प्रदेश में कार्यरत हजारों जीआरएस को तनख्वाह नहीं मिली है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर, जिलाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर समेत अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि साल 2008 से जून 2026 तक जीआरएस से संबंधित निरस्त की गई अधिसूचनाओं को बहाल किया जाए।
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वहीं उनकी सेवा को 2008 से लगातार जारी रखते हुए फिक्स्ड वेतन की अधिसूचना को निरस्त कर पुरानी व्यवस्था के अनुसार वेतन देने की मांग की। जनवरी 2023 के बाद महंगाई भत्ता, इंक्रीमेंट और अन्य वित्तीय लाभ विभाग की ओर से रोके हैं। इनका पिछला एरियर भी जारी किया जाए। संघ ने 6,800 रुपये प्रतिमाह फिक्स्ड वेतन पर कार्य कर रहे 74 जीआरएस को पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद अधिसूचना के अनुसार दैनिक वेतनभोगी श्रेणी में तब्दील करने और 5 वर्ष पूरे होने पर एरियर देने की मांग की। वहीं जिन दैनिक वेतनभोगी ग्राम रोजगार सेवकों का 10 वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उन्हें नियमित वेतनमान में तब्दील करने की मांग प्रदर्शन के माध्यम से उठाई गई। इसके अलावा यह भी कहा कि महंगाई भत्ता, इंक्रीमेंट, मेडिकल रिइम्बर्समेंट, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे हैं। लिहाजा इस व्यवस्था में सुधार किया जाए। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय कुमार, संगठन महामंत्री यशवंत ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार, सह-कोषाध्यक्ष पूनम कुमारी, संतोष कुमारी, अरुणा नेगी, संगठन सचिव रूप लाल, संगठन सह सचिव भुवनेश परमार, यशपाल, दिनेश कुमार, अमित कुमार, उपाध्यक्ष राकेश शर्मा, हरदीप कुमार, शशि पाल, देवेंद्र वर्मा, सह सचिव राम रत्न, विनोद कुमार, अंजना कुमारी, श्यामा शर्मा, रवींद्रा कुमारी, प्रेस सचिव अनिल कुमार, शिव कुमार, गुड्डू शर्मा, रमा देवी, मुख्य सलाहकार धर्म सिंह, सलाहकार मनोज कुमार, देवराज, मनदीप सिंह, मनीष कुमार और जितेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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फोटो सहित... मुख्यमंत्री से मिला आश्वासन, कहा मांगों को किया जाएगा पूरा
शिमला। जीआरएस को पंचायत सचिवों के रिक्त पदों पर मर्ज किया जाएगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में ग्राम रोजगार सेवकों से मुलाकात की। उनकी मांगों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनकी मांगों को जल्द पूरा करें। उन्होंने बताया कि एलडीआर के तहत यह प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी, क्योंकि पूरे प्रदेश में करीब 1,100 पंचायत सचिवों के पद खाली हैं। ऐसे में जीआरएस को इसका लाभ मिलेगा।
इसके अलावा चार महीने से जो वेतन नहीं मिला है, उसका भुगतान भी सरकार की ओर से किया जाएगा।