20 साल से झोपड़ी में चल रहा है ये सरकारी स्कूल
- झोपड़ी वाला स्कूल अपग्रेड, अब एक और झोपड़ी की तलाश
- अब एसएमसी को नजदीक में एक और झोपड़ी बनाने को कहा
- जमीन विवाद के चलते पिछले 20 सालों से नहीं बन पाया भवन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल का एक सरकारी स्कूल शिक्षा पर करोड़ों खर्च करने के दावों की पोल खोल रहा है। पांवटा (सिरमौर) में 1996 से प्राथमिक पाठशाला जंबूखाला एक झोंपड़ी में चल रही है। हैरानी की बात है कि झोंपड़ी में चल रही प्राथमिक पाठशाला को अपग्रेड भी कर दिया गया है।
मुश्किल अब यह है कि आठवीं तक स्कूल चलाने के लिए एक और झोंपड़ी की तलाश शुरू करनी पड़ी है। 20 साल से पाठशाला का भवन नहीं बन सका है। यहां जमीन वन विभाग की है। भवन के लिए आज तक जगह का जुगाड़ नहीं हो सका। इससे पहले यहां के बच्चे पांचवीं तक ही शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर थे।
शिक्षक अपने खर्चे पर करवाते हैं झोंपड़ी की मरम्मत
आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को सात किमी दूर नारीवाला जाना पड़ता है। जंगली रास्ते में जान का खतरा होने की वजह से अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई बीच में ही रोकने को विवश थे। हर साल शिक्षक अपने खर्चे पर लगभग दस हजार रुपये खर्च कर झोंपड़ी में घास लगवाते हैं।
स्कूल में 35 परिवार के बच्चे पढ़ाई करते हैं। वर्ष 2015 में पांचवीं के आठ बच्चे उत्तीर्ण हुए थे। इनमें से तीन ने आगे दाखिला लिया, जबकि पांच को स्कूल छोडना पड़ा। इनमें चार लड़कियां थी। इस साल भी पांचवीं के चार बच्चे उत्तीर्ण हुए, लेकिन दुर्गम और जोखिम भरा रास्ता होने की वजह से आगे की पढ़ाई छूट गई।
झोंपड़ी में ही चलेगा मिडल स्कूल
जंबूखाला का प्राइमरी स्कूल झोंपड़ी में चल रहा है। अब इसे अपग्रेड कर मिडल बनाया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना हाल ही में जारी की है।
साथ ही जगह मुहैया करवाने बारे एसएमसी को पत्र भी दिया है। जिसके लिए दो कमरे मांगे गए हैं। इलाके में कोई भी पक्का मकान नहीं है। लिहाजा, जाहिर है कि मिडल स्कूल भी अब झोंपड़ी में ही चलेगा।
स्कूल को दूंगा अपना घर: युसूफ
एसएमसी के प्रधान युसूफ अली ने कहा कि मिडल स्कूल के लिए वह अपनी दोनों झोंपडिय़ां देने को राजी है। अपने लिए और झोंपड़ी बना देंगे। छठी से आगे बच्चे स्कूल छोडने को विवश है। यह इलाका भी शिक्षित हो इसके लिए वह यह कदम उठाएंगे। प्रारंभिक खंड शिक्षा अधिकारी सुमन गुप्ता ने बताया कि जंबूखाला प्राथमिक पाठशाला अपग्रेड होकर मिडल हो गया है।
अस्थायी व्यवस्था बनाने के लिए एसएमसी से जगह मांगी गई है। उन्होंने कहा कि इलाका वन विभाग के अधीन है। लिहाजा, भवन बनाने के लिए विभाग को दिक्कतें आ रही हैं। वन विभाग से जमीन मांगी गई है। जमीन मिलते ही भवन भी बना दिया जाएगा।