फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   School passes were made after paying thousands of rupees, but HRTC buses did not run.

Shimla News: हजारों रुपये देकर बनवाए स्कूल पास, नहीं चलीं एचआरटीसी बसें

Mon, 09 Mar 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 09 Mar 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
School passes were made after paying thousands of rupees, but HRTC buses did not run.
पांच रूटों पर अभी तक नहीं चली हैं चार्टर्ड बसें, टैक्सी और निजी बसों से बच्चों को स्कूल भेजने को मजबूर अभिभावक
विज्ञापन

तीन महीने का पास बनवाने को दिए हैं छह हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए चलने वाली एचआरटीसी की चार्टर्ड बसों में हजारों रुपये में बस पास बनवाने के बावजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा नहीं मिल रही है। इस वजह से विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों की परेशानियां भी बढ़ गई हैं। अभी 5 रूटों पर एचआरटीसी बस सेवा शुरू नहीं कर पाया है।
मजबूरी में अभिभावक बच्चों को टैक्सियों और बसों में स्कूल भेजने को मजबूर हैं। एचआरटीसी ने शहर के निजी स्कूलों के लिए चलने वाली 40 बसों में से 35 रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया है लेकिन पांच रूटों पर सभी सीटें बुक नहीं होने के कारण बसों का संचालन नहीं किया गया है। इस वजह से इन रूटों पर बस पास बनवा चुके अभिभावकों और विद्यार्थियों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। न्यू शिमला सेक्टर तीन से जीसस एंड मैरी स्कूल के लिए बच्चों के बस पास बनवाने को अभिभावकों ने तीन महीने का किराया करीब 54,00 रुपये और 236 रुपये हिम बस पास बनवाने के दिए हैं। इसके बावजूद अभी तक इस रूट पर बस का संचालन नहीं हो पाया है। इस वजह से अभिभावक पिछले डेढ़ सप्ताह से बच्चों को अन्य विकल्पों के जरिये स्कूल जाने और लेकर आने का इंतजाम कर रहे हैं।
विज्ञापन

अभिभावक कश्मीर सिंह ने बताया कि एचआरटीसी ने कुछ दिन बस को चलाया लेकिन शनिवार से बस दोबारा बंद कर दी है। इस वजह से वह बस से बेटी को स्कूल भेजने को मजबूर हैं। इस रूट पर करीब 15 अभिभावकों ने बस पास बनवाए हैं। इसी तरह से अन्य रूटों पर भी अभिभावकों को बसों का संचालन नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर अभिभावकों में भारी रोष है।
विज्ञापन
विज्ञापन



सभी सीटें बुक होने पर ही चलेंगी बसें
एचआरटीसी प्रबंधन का इसको लेकर तर्क है कि कम पास बनने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसको लेकर पहले ही प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया था कि सभी सीटें बुक होने पर ही बसों का संचालन किया जाएगा लेकिन बसें नहीं चलने से अभिभावकों की परेशानियां जरूर बढ़ गई हैं। पहले करीब आठ रूटों पर एचआरटीसी कम ऑक्यूपेंसी के कारण बसों का संचालन नहीं कर रहा था लेकिन अब इसमें से कुछ रूटों को क्लब करके चलाया जा रहा है। इसके बावजूद चार से पांच रूट ऐसे हैं, जहां पर अभिभावक अभी भी बसों के चलाने का इंतजार कर रहे हैं।




कोट
कम ऑक्यूपेंसी पर बसों का संचालन करना संभव नहीं है। इसके बावजूद एचआरटीसी यथासंभव रूटों पर लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान कर रहा है। बसों का संचालन नहीं होने की स्थिति में लोगों के बस पास के पैसे रिफंड किए जाएंगे।
-निपुण जिंदल, प्रबंध निदेशक, एचआरटीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article