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फोरलेन निर्माण से स्कूल भवन में दरारें, सहमे बच्चों का स्कूल आने से इंकार
Mon, 27 May 2019 05:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुंदरनगर (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 27 May 2019 05:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फोरलेन की जद में आए सुंदरनगर के हराबाग स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल के बच्चों ने स्कूल आने से मना कर दिया है। स्कूल इमारत गिरने की कगार पर है। अभिभावक बच्चों को लेकर चिंतित हैं, जबकि शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब सुरक्षित इमारत के इंतजाम नहीं हुए तो बच्चों ने स्कूल आने से ही तौबा कर ली है। सरकारी उदासीनता के चलते सभी 39 विद्यार्थियों ने स्कूल से दूरी बना ली है। अब केवल स्कूल स्टाफ ही असुरक्षित इमारत में पहुंच रहा है।
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असुरक्षित स्कूल भवन से चिंतित एसएमसी के फैसला लेने के बाद सोमवार को कोई भी विद्यार्थी नहीं आया। हालांकि आधा दर्जन शिक्षकों ने रोज की तरह हाजिरी भरी। जब पूरा स्कूल बच्चों से खाली मिला तो आनन फानन में सीएचटी को सूचित किया गया। इसके बाद सीएचटी ने खंड शिक्षा अधिकारी सुंदरनगर को भी सूचना दे दी। एसएमसी को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन एसएमसी ने बच्चों को सुरक्षित भवन मिलने तक स्कूल भेजने से साफ इंकार कर दिया है।
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स्कूल भवन के हालात
सुंदरनगर के हराबाग स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल का डंगा धंस जाने से आंगन में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। पिछले सात-आठ माह से ये दरारें बढ़ती जा रही हैं। वर्तमान में आंगन के साथ-साथ चहारदीवारी, शौचालय टैंक व स्कूल जाने वाले पुल का एक किनारा भी डंगे की चपेट में आ गया है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
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आठ माह से लगा रहे गुहार
स्कूल प्रबंधन समिति हराबाग के प्रधान रिंकू का कहना है कि स्कूल में पिछले सात-आठ माह से हालत खराब है। डंगा ढहने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन शिक्षा विभाग व प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। सुरक्षा के कदम उठाए जाने तक बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाएगा।
शिक्षा विभाग की सफाई
सीएचटी प्रदीप कुमार ने बताया कि सोमवार को बच्चों के स्कूल न आने की जानकारी मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी को इस बाबत अवगत कराया गया है। एसएमसी से भी इस मामले को लेकर बातचीत की जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारी सुंदरनगर मीरा देवी ने कहा कि आचार संहिता के कारण स्कूल के डंगे की मरम्मत के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका। मामला जिला अधिकारियों से दोबारा उठाया गया है। शीघ्र ही बजट की मंजूरी करवाकर डंगे की मरम्मत की जाएगी।