संयुक्त कर्मचारी महासंघ: अब खेमेंद्र गुप्ता पर गिरी तबादले की गाज, शिमला से चंबा भेजा
हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता को शिमला से चंबा स्थानांतरित कर दिया है। समिति सचिव खेमेंद्र लंबे समय से सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों के मसलों को लेकर आवाज बुलंद करते रहे हैं।
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पंजाब की तर्ज पर संशोधित वेतनमान देने की मांग को लेकर हिमाचल प्रदेश में गठित संयुक्त कर्मचारी महासंघ के कर्मचारी नेताओं पर तबादले की गाज गिरना जारी है। ताजा आदेशों के अनुसार हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) संयुक्त समन्वय समिति के सचिव खेमेंद्र गुप्ता को शिमला से चंबा स्थानांतरित कर दिया है। समिति सचिव खेमेंद्र लंबे समय से सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों के मसलों को लेकर आवाज बुलंद करते रहे हैं। अप्रैल दूसरे हफ्ते में एचआरटीसी कर्मचारियों के मसलों को लेकर बैठक बुलाकर भावी रणनीति तय करने का ऐलान भी कर दिया था। इसके तुरंत बाद ही खेमेंद्र गुप्ता का स्थानांतरण शिमला से चंबा कर दिया गया है।
समिति के नेता इस तबादले को भी कर्मचारी उत्पीड़न की नजर से देख रहे हैं। एक अन्य कर्मचारी हरिलाल को भी शिमला से स्थानांतरण कर दिया है। खेमेंद्र गुप्ता कहते हैं कि वह चंबा जाने को तैयार हैं। उनके पास अभी 12 दिन का समय है। वह कर्मचारियों की आवाज उठाते रहेंगे। इसे पहले महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान सहित कई अन्य शिक्षकों का भी शिमला से चंबा और अन्य स्थानों पर तबादला किया गया है। संयुक्त कर्मचारी महासंघ के मुख्य सलाहकार विनोद कुमार ने कहा कि कर्मचारियों की आवाज उठो वाले कर्मचारी नेताओं के तबादले किए जा रहे हैं। पूर्व कांग्रेस सरकार ने भी कर्मचारियों का उत्पीड़न किया था।