अभी इनके लिए खुलेगी 4000 करोड़ की लागत से बनी रोहतांग टनल
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करीब 4000 करोड़ की लागत से बन रही रोहतांग टनल के द्वार अब आपात स्थिति में मरीजों और परीक्षार्थियों के लिए खोले जाएंगे। हेल्थ इमरजेंसी के अलावा परीक्षा और डेथ केस को भी आपात श्रेणी में रखा गया है।
जिला प्रशासन बीमार लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करेगा जिसके बाद उन्हें बीआरओ टनल से गुजरने देगा। परीक्षार्थियों को कॉल लेटर दिखाना होगा।
सीमा सड़क संगठन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया है कि बर्फबारी के बीच लाहौल घाटी में फंसने वाले मरीजों को विशेष परिस्थितियों में रोहतांग टनल से जाने की अनुमति दी जाएगी। उक्त मामला लाहौल के विधायक रवि ठाकुर ने उठाया था, जिसे स्वीकार कर लिया है।
बता दें कि बीआरओ ने रोहतांग टनल के दोनों छोर की खुदाई पूरी कर ली है। लेकिन भीतरी कार्य के चलते अभी टनल से गुजरने की किसी को इजाजत नहीं है। विधायक रवि ठाकुर ने बताया कि लाहौल-स्पीति प्रशासन बीआरओ अधिकारियों के साथ मिलकर प्लान तैयार करेगा और सर्दियों में बीमार और परीक्षार्थियों को टनल से कुल्लू लाया जाएगा।
फर्जीवाड़े से बचने के लिए प्रशासन बीमार लोगों को मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करेगा। मेडिकल बोर्ड के प्रमुख सीएमओ केलांग होंगे। मेडिकल बोर्ड की ओर से प्रमाणित रेफर मरीजों को ही रोहतांग टनल होकर जाने की अनुमति दी जाएगी। बीआरओ के डीजी ने भरोसा
दिया है कि घाटी के भीतर वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए केलांग-दारचा, केलांग-उदयपुर और केलांग-सिस्सू तक मार्ग को बहाल रखा जाएगा। विधायक ने बीआरओ के चीफ इंजीनियर मोहन लाल से मिलकर आग्रह किया है कि जब तक मौसम साफ रहता है, तब तक रोहतांग दर्रा बहाल रखा जाए। साथ ही मौसम साफ रहने पर हेलीकाप्टर सेवा शुरू कराने की भी बात कही।