हिमाचल के क्षेत्रों में उद्योगों की संभावना अनुसार बनेगा रोड मैप
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हिमाचल के क्षेत्रों में उद्योग की संभावना के अनुसार रोड मैप तैयार किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं, वहां पर्यटन उद्योग के लिए पूंजीपतियों को आकर्षित किया जाएगा।
फलों और सब्जियों का उत्पादन ज्यादा होता है, वहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने को निवेश के लिए पूंजीपतियों को आमंत्रित किया जाएगा। जिला कांगड़ा के धर्मशाला में जून 2019 में होने वाली इन्वेस्टर मीट को सफल बनाने के लिए सरकार यह कसरत कर रही है।
इन्वेस्टर मीट से पहले सरकार उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों से अध्ययन करवाकर हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में कैसे उद्योग स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं तलाश रही है।
इन्वेस्टर मीट से बनेगा रोड मैड
किन जिलों में किस प्रकार के उद्योग लगाए जा सकते हैं, उनके लिए संबंधित क्षेत्रों में लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। सरकार इन्वेस्टर मीट से पहले रोड मैप तैयार करेगी। जिलों में उद्योगों की संभावनाओं के देखते हुए राज्य के पांच शहरों में पूंजीपतियों से साथ वार्ता होगी।
इस दौरान शिमला, धर्मशाला, बद्दी, ऊना और मंडी में मिनी कानक्लेव कराए जाएंगे। पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग के लिए बद्दी, शिमला और धर्मशाला पर्यटन, मंडी या सुंदरनगर में हेल्थ केयर क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा।
क्या कहते हैं कि विशेष सचिव उद्योग
राज्य के विशेष सचिव उद्योग आबिद हुसैन सादिक ने कहा इन्वेस्टर मीट से पहले क्षेत्रों में उद्योगों की संभावनाओं को तलाशकर रोड मैप तैयार किया जाएगा। इन उद्योगों में निवेश के लिए राज्य के पांच शहरों में मिनी कानक्लेव आयोजित कर उद्योग लगाने को पूंजीपतियों को आमंत्रित किया जाएगा।