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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rigorous imprisonment Rigorous imprisonment to two people for extorting money to get jobs in secretariat

Court News Shimla: सचिवालय में नौकरी दिलाने के लिए पैसे ऐंठने पर पूर्व कर्मचारी नेता सहित दो को कठोर कारावास

Thu, 13 Jul 2023 09:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 13 Jul 2023 09:36 PM IST
सार

पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा और उसके सहयोगी रोहित कायस्थ को धोखाधड़ी के मामले में दो-दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार की अदालत ने पुलिस के अभियोग को स्वीकार करते हुए यह निर्णय सुनाया।
 

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Rigorous imprisonment Rigorous imprisonment to two people for extorting money to get jobs in secretariat
अदालत(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अदालत शिमला ने पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा और उसके सहयोगी रोहित कायस्थ को धोखाधड़ी के मामले में दो-दो साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को दो-दो महीनों की सरल कारावास की सजा भुगतनी होगी। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अशोक कुमार की अदालत ने पुलिस के अभियोग को स्वीकार करते हुए यह निर्णय सुनाया। अतिरिक्त जिला न्यायवादी मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता गोपाल शर्मा ने पूर्व कर्मचारी नेता और उसके सहयोगी के खिलाफ पुलिस थाना छोटा शिमला में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 120 बी के तहत मामला दर्ज कराया था। शिकायत की थी कि रोहित ने उससे सरकारी नौकरी दिलाने के लिए दो लाख रुपये मांगे थे। शिकायतकर्ता ने अपने रिश्तेदारों से उधार मांग कर रोहित को दो लाख रुपये दे दिए। रोहित ने शिकायतकर्ता को यह दिलासा दिया कि उसे चार-पांच दिन में नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।

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उसके बाद रोहित ने शिकायतकर्ता को बताया कि उसका काम हो गया है। इसके लिए 60,000 रुपये अलग से लगेंगे और उसके बाद ही नियुक्ति दी जाएगी। रोहित ने यह भी बताया कि सचिवालय में नौकरी दिलाने के लिए कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा को पैसे देने पड़ेंगे। उसके बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना छोटा शिमला में इसकी शिकायत की। पुलिस ने नोटों के नंबर अपने पास लिखे और शिकायतकर्ता को उन्हें रोहित को देने के लिए कहा। वादे के मुताबिक शिकायतकर्ता ने रोहित को 18,000 रुपये दिए। साथ ही पुलिस ने रोहित को पकड़ा और उससे 18,000 रुपये, मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए। पुलिस जांच में पाया गया कि गोपाल दास वर्मा और रोहित ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर लक्की राणा, कुशाल चौहान और यशवंत दत्त के साथ धोखाधड़ी की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में चालान पेश किया। अदालत ने बयानों और दस्तावेजों के आधार पर दोनों को धोखाधड़ी के जुर्म में दोषी पाया है।

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