{"_id":"699305819f26dc02f40eedab","slug":"restore-student-union-elections-abvp-shimla-news-c-19-sml1002-678467-2026-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं : एबीवीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं : एबीवीपी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संजौली इकाई ने सोमवार को महाविद्यालय प्रधानाचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें शैक्षणिक और दूसरे मुद्दों को उठाया गया। परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को प्रमुखता से रखा।
एबीवीपी के मीडिया प्रभारी कार्तिक ने बताया कि ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से लागू करने, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने तथा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रणाली समाप्त कर नियमित शैक्षिक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके अलावा प्रदेश के विश्वविद्यालयों की मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने, पांच लाख नौकरियों के दावों पर स्पष्ट स्थिति बताने और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिषद ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को समाप्त करने के प्रयासों पर रोक लगाने तथा प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की संजौली इकाई ने सोमवार को महाविद्यालय प्रधानाचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें शैक्षणिक और दूसरे मुद्दों को उठाया गया। परिषद कार्यकर्ताओं ने छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को प्रमुखता से रखा।
एबीवीपी के मीडिया प्रभारी कार्तिक ने बताया कि ज्ञापन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को पूर्ण रूप से लागू करने, सरदार पटेल विश्वविद्यालय का दायरा बढ़ाने तथा महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रणाली समाप्त कर नियमित शैक्षिक और गैर शैक्षिक कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
विज्ञापन
इसके अलावा प्रदेश के विश्वविद्यालयों की मूल्यांकन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने, पांच लाख नौकरियों के दावों पर स्पष्ट स्थिति बताने और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। परिषद ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को समाप्त करने के प्रयासों पर रोक लगाने तथा प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और बढ़ती नशाखोरी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई।
विज्ञापन