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मंडी में प्रस्तावित शॉपिंग मॉल के निर्माण संबंधित रिकार्ड तलब
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शिमला। हाईकोर्ट ने मंडी में प्रस्तावित शॉपिंग मॉल के निर्माण से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। उच्च न्यायालय ने सरकार से कहा है कि यह भी बताया जाए कि पहले यहां पर कितने स्कूल चल रहे थे और छात्रों की कितनी संख्या है। नए स्कूल भवनों के निर्माण के लिए सरकार का क्या प्रस्ताव है? अब मामले पर 7 मार्च को सुनवाई होगी।
मंडी शॉपिंग मॉल के निर्माण के लिए एक स्कूल भवन, खेल के मैदान आदि को गिराने के संबंध में जनहित याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफ ीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ ने बुधवार को जनहित याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश दिए।
बता दें कि विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडी के एक छात्र के मुख्य न्यायाधीश को भेजे पत्र पर कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार ने स्कूल की इमारत, खेल का मैदान और मंच आदि को गिरा दिया है। खाली जगह को भी कवर कर दिया है। उसने आरोप लगाया है कि कुछ धनाढ्य लोगों और राजनीतिक नेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए वहां बड़े शॉपिंग मॉल बनाना प्रस्तावित है।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पहले भवन में एक प्राथमिक सरकारी स्कूल था। इसे कुछ साल पहले बंद कर दिया था। अब सरकार सीनियर सेकेंडरी स्कूल को भी बंद करने की योजना बना रही है ताकि अमीर और प्रभावशाली लोग लाभान्वित हो सकें। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में गरीब, अनाथ और प्रवासी बच्चे पढ़ रहे हैं। अधिकारियों द्वारा छात्रों का परिणाम खराब करने की धमकी देकर मानसिक रूप से दबाव बनाया जा रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई की तारीख से पहले सभी संबंधित रिकॉर्ड को कोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया है।
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मंडी शॉपिंग मॉल के निर्माण के लिए एक स्कूल भवन, खेल के मैदान आदि को गिराने के संबंध में जनहित याचिका दायर की गई थी। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफ ीक और न्यायमूर्ति ज्योत्सना रेवाल दुआ ने बुधवार को जनहित याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश दिए।
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बता दें कि विजय सीनियर सेकेंडरी स्कूल मंडी के एक छात्र के मुख्य न्यायाधीश को भेजे पत्र पर कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि लॉकडाउन के दौरान राज्य सरकार ने स्कूल की इमारत, खेल का मैदान और मंच आदि को गिरा दिया है। खाली जगह को भी कवर कर दिया है। उसने आरोप लगाया है कि कुछ धनाढ्य लोगों और राजनीतिक नेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए वहां बड़े शॉपिंग मॉल बनाना प्रस्तावित है।
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उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि पहले भवन में एक प्राथमिक सरकारी स्कूल था। इसे कुछ साल पहले बंद कर दिया था। अब सरकार सीनियर सेकेंडरी स्कूल को भी बंद करने की योजना बना रही है ताकि अमीर और प्रभावशाली लोग लाभान्वित हो सकें। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में गरीब, अनाथ और प्रवासी बच्चे पढ़ रहे हैं। अधिकारियों द्वारा छात्रों का परिणाम खराब करने की धमकी देकर मानसिक रूप से दबाव बनाया जा रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई की तारीख से पहले सभी संबंधित रिकॉर्ड को कोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया है।