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Shimla News: डिपुओं में नहीं मिलेगा राशन का बैकलॉग, सितंबर का कोटा पहुंचा
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शहर के 25 हजार से अधिक राशनकार्ड धारकों को मिलेगा सस्ते राशन का निर्धारित कोटा
अगस्त माह में नहीं मिलीं थी दालें, अब नहीं मिलेगा पुराना कोटा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के राशनकार्ड धारकों को इस महीने डिपुओं में दालों का कोटा उपलब्ध होगा लेकिन अगस्त माह में नहीं मिली दालों का बैकलॉग (बकाया राशन) इस बार लोगों को नहीं दिया जाएगा।
ऐसे में पुराने कोटे के न मिलने से लोगों में सरकार और विभाग के प्रति नाराजगी है। वहीं सितंबर में डिपुओं में चना, मलका और माश की दालें लोगों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विभाग का दावा है कि यह तीनों दालें लोगों को पहले की तरह निर्धारित दर पर ही दी जाएंगी। राजधानी में 25 हजार से अधिक राशनकार्ड धारक हैं। यह उपभोक्ता हर महीने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 50 से अधिक राशन डिपुओं से खरीदारी करते हैं लेकिन पिछले महीने लोगों को दालें पूरी नहीं मिल पाई थीं। इस वजह से त्योहारी सीजन में लोगों को उम्मीद थी कि सितंबर में डिपुओं से मिलने वाला कोटा डबल हो जाएगा।
शहर में लोग बड़ी संख्या में राशन की खरीदारी के लिए आ रहे हैं, लेकिन पुराने कोटे के न मिलने से इनमें मायूसी है। शहर में बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारक सरकारी डिपुओं से मिलने वाले राशन पर निर्भर हैं। इन लोगों का कहना है कि वह सब्सिडी पर मिलने वाले राशन पर काफी निर्भर हैं। पिछले महीने भी बाजार से महंगी दरों पर राशन की खरीदारी करनी पड़ी थी जिस वजह से उनका रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। डिपुओं में राशन लेने आए सुनील, विवेक और रीना ने बताया कि राशन की सप्लाई पूरी होनी चाहिए ताकि उन्हें बाजार से महंगे दामों पर दाल खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े। उधर सितंबर में चना दाल 66 रुपये प्रतिकिलो, मलका दाल 72 रुपये और माश की दाल 94 रुपये प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध हो रही है। जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि शहर के डिपुओं में राशन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लोगों को मांग के अनुसार राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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आटा एक किलो कम, चीनी 33 रुपये में
डिपुओं में सितंबर में मिलने वाले गेहूं के आटे के कोटे में कमी हुई है। इस बार छह की जगह पांच किलो आटा ही दिया जा रहा है। इसके अलावा चीनी बीपीएल उपभोक्ताओं को 13 रुपये, एपीएल उपभोक्ताओं को 33 रुपये और एपीएल टैक्स श्रेणी के उपभोक्ताओं को 48 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही है।
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अगस्त माह में नहीं मिलीं थी दालें, अब नहीं मिलेगा पुराना कोटा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के राशनकार्ड धारकों को इस महीने डिपुओं में दालों का कोटा उपलब्ध होगा लेकिन अगस्त माह में नहीं मिली दालों का बैकलॉग (बकाया राशन) इस बार लोगों को नहीं दिया जाएगा।
ऐसे में पुराने कोटे के न मिलने से लोगों में सरकार और विभाग के प्रति नाराजगी है। वहीं सितंबर में डिपुओं में चना, मलका और माश की दालें लोगों को सब्सिडी पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विभाग का दावा है कि यह तीनों दालें लोगों को पहले की तरह निर्धारित दर पर ही दी जाएंगी। राजधानी में 25 हजार से अधिक राशनकार्ड धारक हैं। यह उपभोक्ता हर महीने शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित 50 से अधिक राशन डिपुओं से खरीदारी करते हैं लेकिन पिछले महीने लोगों को दालें पूरी नहीं मिल पाई थीं। इस वजह से त्योहारी सीजन में लोगों को उम्मीद थी कि सितंबर में डिपुओं से मिलने वाला कोटा डबल हो जाएगा।
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शहर में लोग बड़ी संख्या में राशन की खरीदारी के लिए आ रहे हैं, लेकिन पुराने कोटे के न मिलने से इनमें मायूसी है। शहर में बड़ी संख्या में राशनकार्ड धारक सरकारी डिपुओं से मिलने वाले राशन पर निर्भर हैं। इन लोगों का कहना है कि वह सब्सिडी पर मिलने वाले राशन पर काफी निर्भर हैं। पिछले महीने भी बाजार से महंगी दरों पर राशन की खरीदारी करनी पड़ी थी जिस वजह से उनका रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। डिपुओं में राशन लेने आए सुनील, विवेक और रीना ने बताया कि राशन की सप्लाई पूरी होनी चाहिए ताकि उन्हें बाजार से महंगे दामों पर दाल खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े। उधर सितंबर में चना दाल 66 रुपये प्रतिकिलो, मलका दाल 72 रुपये और माश की दाल 94 रुपये प्रतिकिलो की दर से उपलब्ध हो रही है। जिला नियंत्रक खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नरेंद्र धीमान ने बताया कि शहर के डिपुओं में राशन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। लोगों को मांग के अनुसार राशन उपलब्ध करवाया जा रहा है।
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आटा एक किलो कम, चीनी 33 रुपये में
डिपुओं में सितंबर में मिलने वाले गेहूं के आटे के कोटे में कमी हुई है। इस बार छह की जगह पांच किलो आटा ही दिया जा रहा है। इसके अलावा चीनी बीपीएल उपभोक्ताओं को 13 रुपये, एपीएल उपभोक्ताओं को 33 रुपये और एपीएल टैक्स श्रेणी के उपभोक्ताओं को 48 रुपये प्रति किलो की दर से मिल रही है।