...तो चुनावी घोषणा पूरी करने के लिए बंद होगा सेमेस्टर सिस्टम
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प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के बजाय सरकार के नीतिगत दस्तावेज बन चुके चुनावी दृष्टिपत्र में की गई घोषणा को पूरा करने के मकसद से कॉलेजों में इस सत्र से सेमेस्टर सिस्टम को समाप्त कर दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को सौंपी गई रिपोर्ट में रूसा कमेटी ने कुछ समय बाद दोबारा से सेमेस्टर सिस्टम शुरू करने की सिफारिश की है। रूसा में बदलाव करने को गठित कमेटी की सिफारिशें चौंकाने वाली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश विश्वविद्यालय के तहत परीक्षा और मूल्यांकन का ढांचा मजबूत होते ही दोबारा सेमेस्टर सिस्टम पर लौटा जा सकता है।
ऐसे में कहा जा सकता है कि इन कमियों को अभी दूर करने के बजाय रूसा कमेटी ने प्रदेश के कॉलेजों में चौथी परीक्षा प्रणाली शुरू कर विद्यार्थियों को निकट भविष्य में राहत देने की बात कही है।
उधर, शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया है कि रिपोर्ट से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया जाएगा। भविष्य में कॉलेजों में कौन सी परीक्षा प्रणाली लागू होगी, इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री लेंगे।
सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने से सहमत नहीं एचपीयू
रूसा कमेटी की उच्च शिक्षा निदेशालय में चौथी बैठक हुई। सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चली बैठक में सभी सदस्यों से चर्चा कर रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे निदेशालय में पूर्व कुलपति सुनील गुप्ता की अध्यक्षता में गठित की गई रूसा कमेटी ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को रिपोर्ट सौंपी। कमेटी के अध्यक्ष पूर्व कुलपति सुनील गुप्ता ने बताया कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की गई है।
सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर वार्षिक परीक्षा प्रणाली शुरू करने से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) सहमत नहीं है। रिपोर्ट में एचपीयू का पक्ष भी रखा गया है। एचपीयू ने वार्षिक परीक्षा प्रणाली को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू करने का विरोध करते हुए कम से कम एक साल का समय मांगा है।
देश के अन्य राज्यों में सेमेस्टर सिस्टम का हवाला देते हुए केंद्र से मिलने वाली रूसा ग्रांट प्रभावित होने की बात भी कही है। एक साथ प्रदेश में चार परीक्षा प्रणालियां चलने पर व्यवस्था चौपट होने का हवाला भी दिया गया है।