{"_id":"5c40a40ebdec22653c2d0c02","slug":"ramlok-trust-will-build-four-ram-temple-in-himachal","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलोक ट्रस्ट बनाएगा हिमाचल में चार राम मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामलोक ट्रस्ट बनाएगा हिमाचल में चार राम मंदिर
Thu, 17 Jan 2019 09:19 PM IST
ashok chauhan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
Published by: ashok chauhan
Updated Thu, 17 Jan 2019 09:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रूड़ा में भव्य रामलोक मंदिर पर तहसीलदार कंडाघाट का फैसला आने के बाद अब बाबा अमरदास ने चुप्पी तोड़ी है। बाबा ने दावा किया है कि वे रूड़ा के साथ ही प्रदेश भर में चार भव्य राम मंदिरों का निर्माण करेंगे। निर्माण से पूर्व रामलोक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा और मंदिरों पर सारी धनराशि ट्रस्ट से खर्च की जाएगी। ट्रस्ट को जो भी आय होगी उससे बेसहारा बच्चों व महिलाओं के लिए आश्रम खोले जाएंगे।
इनमें 500-500 बच्चों व महिलाओं को रहने व खाने का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका यह कदम उन लोगों के लिए करारा जवाब होगा जो रूड़ा में रामलोक मंदिर के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। ट्रस्ट गठित होने के बाद मिलने वाली आय हिमाचल को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर खर्च होगी। गौरतलब है कि रूड़ा में रामलोक मंदिर को लेकर हाल ही में तहसीलदार कंडाघाट ने एक अहम फैसला दिया है।
इसमें रामलोक मंदिर को दो बीघा व अन्य कब्जाधारकों के पास 3 बीघा व 6 बिस्वा जगह को सरकार के अधीन का फैसला सुनाया है। मंदिर के सरकार के अधीन जाने के बाद इसके विकास की संभावनाएं सरकार के पास रहेंगी। इससे पूर्व बाबा अमरदास ने मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाकर काम करवाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर की चार अलग-अलग जगहों से उन्हें जमीन उपलब्ध करवाने के ऑफर मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनमें 500-500 बच्चों व महिलाओं को रहने व खाने का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका यह कदम उन लोगों के लिए करारा जवाब होगा जो रूड़ा में रामलोक मंदिर के खिलाफ साजिश कर रहे हैं। ट्रस्ट गठित होने के बाद मिलने वाली आय हिमाचल को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने पर खर्च होगी। गौरतलब है कि रूड़ा में रामलोक मंदिर को लेकर हाल ही में तहसीलदार कंडाघाट ने एक अहम फैसला दिया है।
विज्ञापन
इसमें रामलोक मंदिर को दो बीघा व अन्य कब्जाधारकों के पास 3 बीघा व 6 बिस्वा जगह को सरकार के अधीन का फैसला सुनाया है। मंदिर के सरकार के अधीन जाने के बाद इसके विकास की संभावनाएं सरकार के पास रहेंगी। इससे पूर्व बाबा अमरदास ने मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाकर काम करवाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर की चार अलग-अलग जगहों से उन्हें जमीन उपलब्ध करवाने के ऑफर मिले हैं।
विज्ञापन