हिमाचल: एचआरटीसी का घाटा 2272 करोड़ पहुंचा, तीन साल में 282 रूट बंद, उप मुख्यमंत्री ने विस में दी जानकारी
एचआरटीसी का संचित घाटा 31 मार्च 2025 तक बढ़कर 2,272.24 करोड़ रुपये पहुंच गया है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी।
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हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का संचित घाटा 31 मार्च 2025 तक बढ़कर 2,272.24 करोड़ रुपये पहुंच गया है। सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संसाधनों, यात्रियों की कमी और रूट युक्तिकरण के चलते पिछले तीन वर्षों में एक अगस्त 2026 तक 282 बस रूट बंद किए गए। इनमें 196 रूट ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के हैं। 15 रूटों की सेवाओं में भी कटौती की गई है। घाटा कम करने के लिए सरकार ने 13 सूत्रीय कार्ययोजना बनाई है, जिसमें रूट और स्टाफ युक्तिकरण, बसों का विद्युतीकरण और डिजिटल निगरानी शामिल है।
हिमकेयर में 387.96 करोड़ की देनदारी लंबित, सहारा योजना में कोई बकाया नहीं
प्रदेश में हिमकेयर और सहारा योजनाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। करसोग के विधायक दीप राज के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एक अगस्त 2026 तक गत तीन वर्षों में हिमकेयर योजना के तहत 2,06,213 पात्र लाभार्थियों का उपचार किया गया है। वहीं, सहारा योजना के तहत 36,371 पात्र लाभार्थियों को लाभ मिला है। सरकार के अनुसार हिमकेयर योजना के तहत अस्पतालों की करीब 387.96 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं। इसके विपरीत सहारा योजना में किसी तरह की देनदारी लंबित नहीं है। योजना के पात्र लाभार्थियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
पंचायती राज की राशि दूसरे विभागों को नहीं की गई डायवर्ट
15वें वित्त आयोग से पंचायती राज संस्थाओं को मिली राशि किसी अन्य विभाग को डायवर्ट नहीं की गई है। विधायक रणधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में पंचायती राज मंत्री ने ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी पंचायतों की है। अधिकांश पेयजल ढांचा जलशक्ति विभाग ने तैयार किया है। वहीं, कई बहु-ग्राम पेयजल योजनाएं एक से अधिक पंचायतों से जुड़ी हैं। ऐसे में तकनीकी विशेषज्ञता और कार्यान्वयन के लिए जल शक्ति विभाग को एजेंसी या वेंडर के रूप में शामिल किया गया है।
म्याड़ घाटी में 11 बार आई बाढ़, 9.31 करोड़ का नुकसान
शिमला। लाहौल-स्पीति की म्याड घाटी में इस साल 11 बार बाढ़ की घटनाएं हुईं। इससे सड़कों, पुलों, सिंचाई कूहलों और पेयजल योजनाओं को कुल 9 करोड़ 31 लाख 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। विधायक अनुराधा राणा के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में आपदा राहत के लिए एसडीआरएफ/एनडीआरएफ के तहत उपायुक्त को 14.59 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इनमें से 54.34 लाख रुपये संबंधित विभागों को क्षतिपूर्ति के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
सिराज में एचआरटीसी के 39 में से 17 बस रूट अस्थायी रूप से बंद
सिराज विधानसभा क्षेत्र में एचआरटीसी के 39 में से 17 बस रूट वर्तमान में अस्थायी रूप से बंद हैं। दिसंबर 2022 तक क्षेत्र में निगम की बसें 39 रूटों पर चल रही थीं। विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह जानकारी दी। बताया कि 17 बंद रूटों में से 12 सड़क या पुल क्षतिग्रस्त होने और मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बंद हैं। दो रूट संसाधनों की कमी के चलते तथा तीन रूट यात्रियों की कम उपलब्धता के कारण अस्थायी रूप से रोके गए हैं।