स्टांप ड्यूटी में बड़ा बदलाव: महिलाओं को राहत, बाहरी खरीदारों पर 12 फीसदी शुल्क, संशोधन विधेयक पेश
प्रदेश सरकार ने स्टांप ड्यूटी की दरों में बड़े बदलाव की तैयारी की है। सरकार ने भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026 को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्टांप ड्यूटी की दरों में बड़े बदलाव की तैयारी की है। सरकार ने भारतीय स्टांप (हिमाचल प्रदेश द्वितीय संशोधन) विधेयक 2026 को मंगलवार को विधानसभा में पेश किया। इसके तहत भारतीय स्टांप अधिनियम की अनुसूची 1-क को बदला जाएगा। सरकार का कहना है कि कई दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क की दरें लंबे समय से नहीं बदली गई हैं। इसलिए दरों को मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार तर्कसंगत बनाया जा रहा है। नई व्यवस्था में महिलाओं को एक करोड़ रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में राहत मिलेगी।
एक करोड़ रुपये तक के बाजार मूल्य या प्रतिफल राशि पर चार फीसदी शुल्क प्रस्तावित है। एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति पर महिलाओं और अन्य खरीदारों के लिए आठ फीसदी स्टांप ड्यूटी होगी। पुरुष और अन्य खरीदारों के लिए 40 लाख रुपये तक की संपत्ति पर छह फीसदी और 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य की संपत्ति पर आठ फीसदी शुल्क प्रस्तावित किया गया है। हिमाचल से बाहर के लोगों के लिए स्टांप ड्यूटी की दर और अधिक होगी। हिमाचल प्रदेश अभिधृति और भूमि सुधार अधिनियम 1972 की धारा 118(2)(ज) के तहत सरकार की अनुमति से संपत्ति का हस्तांतरण या पट्टा लेने वाले बाहरी व्यक्तियों से 12 फीसदी स्टांप शुल्क लिया जाएगा। यह दर महिला और पुरुष दोनों पर समान रूप से लागू होगी।
एक साल में दोबारा रजिस्ट्री पर आठ फीसदी शुल्क
एक ही खरीदार और विक्रेता के बीच एक साल के भीतर दोबारा रजिस्ट्री का मामला सामने आने पर भी सरकार ने सख्ती का प्रावधान किया है। यदि संबंधित लेनदेन का कुल मूल्य निर्धारित सीमा से अधिक हो जाता है तो पहले के मामलों को जोड़कर आठ फीसदी स्टांप शुल्क लिया जाएगा।
रिश्तेदारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण पर कम शुल्क
रक्त संबंधियों और पति-पत्नी के बीच संपत्ति के विनिमय पर राहत जारी रहेगी। ऐसे मामलों में विनिमय की कम कीमत पर 0.1 फीसदी शुल्क, अधिकतम 10 हजार रुपये तक लिया जाएगा। इसी तरह रक्त संबंधियों और पति-पत्नी के बीच गिफ्ट डीड या सेटलमेंट पर बाजार मूल्य का 0.1 फीसदी शुल्क प्रस्तावित है। इसमें न्यूनतम शुल्क पांच हजार और अधिकतम 10 हजार रुपये होगा।
हिमाचल से बाहर रहने वाले गैर-निवासी के पक्ष में या हिमाचल से बाहर स्थित संपत्ति के संबंध में पावर ऑफ अटॉर्नी करने पर सामान्य स्टांप शुल्क से 100 गुना शुल्क वसूला जाएगा।
इस तरह से बदलेंगी दरें
शपथ-पत्र : 10 रुपये से 100 रुपये
दत्तक विलेख : 1000 रुपये से 2,000 रुपये
विवाह विच्छेद दस्तावेज : 100 रुपये से 1,000 रुपये
विकास करार : बाजार मूल्य का दो फीसदी, अधिकतम 10 हजार रुपये
विक्रय करार : बाजार मूल्य का दो फीसदी, बाद में स्टांप पंप ड्यूटी में समायोजित
गैर-कृषि ऋण (50 हजार तक) : 200 रुपये
भागीदारी विलेख : प्रत्येक पूंजी के लिए 5,000 रुपये
100 वर्ष या अधिक की लीज : निर्धारित फार्मूले के अनुसार बाजार मूल्य का आठ फीसदी तक शुल्क
विभिन्न दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क की दरों का लंबे समय से पुनरीक्षण नहीं हुआ था। राजस्व को मजबूत करने और दरों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बनाने के लिए अनुसूची 1-क में बदलाव किया जा रहा है।- जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री