Shimla: सांसद डाॅ. सिकंदर कुमार ने संसद में उठाया चिकित्सा शैक्षणिक संस्थानों को सुदृढ़ करने का मामला
सांसद डाॅ. सिकंदर कुमार ने संसद में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शैक्षणिक संस्थानों को सुदृढ़ करने की पहल संबंधी जानकारी मांगी।
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राज्यसभा सांसद डाॅ. सिकंदर कुमार ने संसद में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री से हिमाचल प्रदेश में चिकित्सा शैक्षणिक संस्थानों को सुदृढ़ करने की पहल संबंधी जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में चिकित्सा शैक्षणिक संस्थानों के उत्थान और सुदृढ़ीकरण के लिए रूपांकित पहलों का ब्योरा क्या है ? योजना के लक्ष्य और उल्लेखनीय उपलब्धियां क्या-क्या है ? क्या सरकार ने आधुनिक अवसंचना की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का प्रस्ताव किया है? और क्या सरकार देश की स्वास्थ्य अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए ऋण प्रोत्साहन कार्यक्रम प्रारंभ करने की योजना बना रही है और इसे कब तक प्रारंभ किए जाने की संभावना है ?
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ऐसे अल्पसेवित क्षेत्रों और आकांक्षी जिलों, जहां कोई मौजूदा सरकारी या निजी मेडिकल काॅलेज नहीं है को प्राथमिकता देते हुए मौजूदा जिला/रेफरल अस्पतालों से संबद्ध नए मेडिकल काॅलेजों की स्थापना के लिए एक केंद्रीय प्रायोजित योजना (सीएसएस) संचालित करता है। केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निधियन साझाकरण पद्धति पूर्वोत्तर और विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए 90ः10 के अनुपात में और अन्य के लिए 60ः40 के अनुपात में है। इस योजना के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में तीन मेडिकल काॅलेज (चंबा, हमीरपुर और नाहन) अनुमोदित किए गए हैं। सभी तीनो मैडिकल काॅलेज कार्यशील है। साथ ही पीएमएसएसवाई के घटक सुपर स्पेशियलिटी ब्लाॅकों के निर्माण की ओर से सरकारी मैडिकल काॅलेजों के उन्नयन के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश में टांडा और शिमला स्थित सरकारी मैडिकल काॅलेजों में कुल 2 परियोजनाएं अनुमोदित की गई है।