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Shimla News: बारिश और भूस्खलन से जिले में 14 सड़कें, 11 पेयजल-सिंचाई योजनाएं ठप
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जलस्तर बढ़ने पर गिरि जटोन बैराज के गेट नंबर तीन और चार से छोड़ा पानी, निचले इलाकों में अलर्ट
बारिश से लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग को 5.38 करोड़ से अधिक का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/सतौन (सिरमौर)। जिले में मंगलवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश और भूस्खलन के चलते लोक निर्माण विभाग के नाहन सर्कल में 14 मुख्य सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इनमें नाहन डिवीजन की 10 और पांवटा साहिब डिवीजन की चार सड़कें शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग को करीब 3.16 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
बारिश का असर पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर भी पड़ा है। जल शक्ति विभाग के नाहन डिवीजन में आठ पेयजल और तीन सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। विभाग को करीब 2.22 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। दोनों विभागों को मिलाकर बारिश से 5.38 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का आकलन किया गया है।
लगातार बारिश के कारण जिले की नदियां और नाले उफान पर हैं। रेणुका जी स्थित गिरि जटोन बैराज में मंगलवार शाम जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन को बैराज के गेट खोलने पड़े। बैराज पर तैनात इलेक्ट्रिशियन प्रीतम सिंह के अनुसार नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। इसके चलते मंगलवार शाम 6:40 बजे गेट नंबर तीन और चार खोलकर पानी छोड़ा गया।
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बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सिरमौर ने निचले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने बैराज के निचले क्षेत्रों में आने वाली पंचायतों और मैदानी इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और राहगीरों से भी नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा है।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों और नागरिकों से अपील की गई है कि प्रशासन की चेतावनी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
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बारिश से लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग को 5.38 करोड़ से अधिक का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/संगड़ाह/सतौन (सिरमौर)। जिले में मंगलवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश और भूस्खलन के चलते लोक निर्माण विभाग के नाहन सर्कल में 14 मुख्य सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इनमें नाहन डिवीजन की 10 और पांवटा साहिब डिवीजन की चार सड़कें शामिल हैं। सड़कों के बंद होने से कई क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग को करीब 3.16 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है।
बारिश का असर पेयजल और सिंचाई योजनाओं पर भी पड़ा है। जल शक्ति विभाग के नाहन डिवीजन में आठ पेयजल और तीन सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं। विभाग को करीब 2.22 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। दोनों विभागों को मिलाकर बारिश से 5.38 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति का आकलन किया गया है।
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लगातार बारिश के कारण जिले की नदियां और नाले उफान पर हैं। रेणुका जी स्थित गिरि जटोन बैराज में मंगलवार शाम जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने पर प्रशासन को बैराज के गेट खोलने पड़े। बैराज पर तैनात इलेक्ट्रिशियन प्रीतम सिंह के अनुसार नदी में जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। इसके चलते मंगलवार शाम 6:40 बजे गेट नंबर तीन और चार खोलकर पानी छोड़ा गया।
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बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सिरमौर ने निचले क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने बैराज के निचले क्षेत्रों में आने वाली पंचायतों और मैदानी इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों और राहगीरों से भी नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की गई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने को कहा है।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से सभी ग्राम पंचायत प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों और नागरिकों से अपील की गई है कि प्रशासन की चेतावनी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।