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Shimla News: चूड़ेश्वर लोकनृत्य दल ने दीपक नृत्य से बटोरी वाहवाही
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गेयटी में डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम
डॉ. परमार भविष्य द्रष्टा राजनेता विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम के पहले सत्र में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पद्मश्री विद्यानंद सरैक बतौर मुख्य अतिथि और स्वतंत्रता सेनानी कल्याण मंच सिरमौर के अध्यक्ष जय प्रकाश चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। साहित्यिक संगोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार पीसी लोहमी ने डॉ. परमार एक भविष्य द्रष्टा राजनेता विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने डॉ. परमार के व्यक्तित्व और दूरदर्शिता पर व्याख्यान दिया। इस दौरान साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश राही, केआर भारती, डॉ. तुलसी रमण और सुदर्शन वशिष्ठ ने भी परिचर्चा में भाग लेकर परमार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वहीं डॉ. राजेंद्र राजन, जगदीश शर्मा और जय प्रकाश चौहान ने डॉ. परमार से जुड़े अपने संस्मरण सुनाए। इसके बाद दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें चूड़ेश्वर लोकनृत्य सांस्कृतिक मंडल सिरमौर के कलाकारों ने ठोडा और दीपक नृत्य से खूब वाहवाही बटोरी। इसके अलावा युवा विकास कला मंच रिठोग सिरमौर ने पारंपरिक लोक नृत्य और हारूल गायन की बेहतरीन प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। मंच संचालन साहित्यकार डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने किया।
इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललीत, संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, उपनिदेशक कुसुम संघाईक, अलका कैथला, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, अकादमी की सहायक सचिव डॉ. श्यामा वर्मा, अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, अधीक्षक राकेश कुमार, दिव्या सूद सहित अन्य मौजूद रहे।
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डॉ. परमार भविष्य द्रष्टा राजनेता विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के गौथिक हॉल में डॉ. यशवंत सिंह परमार की जयंती पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। हिमाचल कला संस्कृति एवं भाषा अकादमी की ओर से आयोजित कार्यक्रम के पहले सत्र में साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पद्मश्री विद्यानंद सरैक बतौर मुख्य अतिथि और स्वतंत्रता सेनानी कल्याण मंच सिरमौर के अध्यक्ष जय प्रकाश चौहान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। साहित्यिक संगोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार पीसी लोहमी ने डॉ. परमार एक भविष्य द्रष्टा राजनेता विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने डॉ. परमार के व्यक्तित्व और दूरदर्शिता पर व्याख्यान दिया। इस दौरान साहित्यकार डॉ. ओम प्रकाश राही, केआर भारती, डॉ. तुलसी रमण और सुदर्शन वशिष्ठ ने भी परिचर्चा में भाग लेकर परमार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। वहीं डॉ. राजेंद्र राजन, जगदीश शर्मा और जय प्रकाश चौहान ने डॉ. परमार से जुड़े अपने संस्मरण सुनाए। इसके बाद दूसरे सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसमें चूड़ेश्वर लोकनृत्य सांस्कृतिक मंडल सिरमौर के कलाकारों ने ठोडा और दीपक नृत्य से खूब वाहवाही बटोरी। इसके अलावा युवा विकास कला मंच रिठोग सिरमौर ने पारंपरिक लोक नृत्य और हारूल गायन की बेहतरीन प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। मंच संचालन साहित्यकार डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने किया।
इस अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललीत, संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, उपनिदेशक कुसुम संघाईक, अलका कैथला, जिला भाषा अधिकारी अनिल हारटा, अकादमी की सहायक सचिव डॉ. श्यामा वर्मा, अनुसंधान अधिकारी स्वतंत्र कौशल, अधीक्षक राकेश कुमार, दिव्या सूद सहित अन्य मौजूद रहे।
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