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शाहपुर नगर परिषद चुनाव: हाईकोर्ट ने खारिज की आरक्षण में हेरफेर के आरोपों की याचिका
Sat, 12 Sep 2026 01:00 AM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)।
संवाद न्यूज एजेंसी, बरोटीवाला (सोलन)।
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:00 AM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने शाहपुर नगर परिषद चुनाव में वार्डों के आरक्षण और 2011 की जनगणना के आंकड़ों में हेरफेर के आरोपों से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है।
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अदालत(सांकेतिक)।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शाहपुर नगर परिषद चुनाव में वार्डों के आरक्षण और 2011 की जनगणना के आंकड़ों में हेरफेर के आरोपों से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने माना कि आरक्षण रोस्टर कानूनी प्रक्रियाओं और अनुसूचित जाति की जनसंख्या प्रतिशतता के आधार पर सही तरीके से तैयार किया गया है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और न्यायाधीश योगेश जसवाल की खंडपीठ ने कहा कि नगर परिषद शाहपुर के चुनाव पहले ही संपन्न हो चुके हैं। इसलिए अब चुनावी नतीजों और प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण या औचित्य नहीं बनता।
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अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया कि भविष्य में वार्डों के आरक्षण रोस्टर निर्धारण में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। अदालत ने यह फैसला राकेश चौहान की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए दिया। याचिकाकर्ता का आरोप था कि शाहपुर के वार्ड नंबर 2 हारा वार्ड के आरक्षण रोस्टर को तैयार करने के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों में हेरफेर किया गया है। याचिकाकर्ता सामान्य श्रेणी का उम्मीदवार था और उसका आरोप था कि हारा वार्ड को अनुसूचित जाति (महिला) के लिए आरक्षित करके उसे चुनाव लड़ने से वंचित किया गया।
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याचिकाकर्ता के अनुसार 2020-21 के नगर पंचायत चुनाव में भी हारा वार्ड को आरक्षित होना चाहिए था, लेकिन तब नियमों के विपरीत झूलर वार्ड नंबर 3 को आरक्षित किया गया था। कोर्ट ने पाया कि राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत आंकड़ों में किसी भी तरह की गड़बड़ी या दुर्भावना साबित नहीं हुई है। कोर्ट ने भविष्य के चुनावों के लिए प्रशासन को महत्वपूर्ण हिदायत दी है कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए वार्डों के आरक्षण और रोस्टर निर्धारण की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। ऐसी कार्यप्रणाली अपनाई जाए, जिससे आम जनता आरक्षण के आधार को आसानी से समझ सके और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
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