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आयुर्वेदिक अस्पतालों में नहीं रहेगी औषधियों की कमी, सरकार ने खर्च किए 4.84 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 12 Sep 2017 06:40 PM IST
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राज्य आयुर्वेद विभाग ने प्रदेश में कार्यरत आयुर्वेदिक संस्थानों में औषधियों की कमी नहीं रहेगी। इन संस्थानों के लिए गत वित्त वर्ष में कुल 4.84 करोड़ की औषधियों की खरीद की। इसमें एक करोड़ 14 लाख 85 हजार 900 रुपये केंद्र सरकार ने उपलब्ध करवाए, जबकि तीन करोड़ 68 लाख 75 हजार रुपये की राशि राज्य सरकार ने दी।
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राज्य निधि में से एक करोड़ 22 लाख 50 हजार रुपये की आयुर्वेदिक औषधियां फार्मेसियों के माध्यम से एक करोड़ 80 लाख की जड़ी-बूटियों की खरीद राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसियों के लिए तथा 8 लाख रुपये की होम्योपैथिक दवाइयों की खरीद की गई। ये जानकारी विभाग के एक प्रवक्ता की ओर से जारी की गई।
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उन्होंने कहा कि दवाइयों के लिए उपलब्ध बजट का 70 प्रतिशत प्रदेश आधारित आयुर्वेदिक फार्मेसियों से दवा खरीद पर व्यय किया जा रहा है। अधिकतर आयुर्वेदिक औषधालय प्रदेश के दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों में कार्यरत हैं, जहां स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की पूर्ति में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। राज्य में 283 आयुर्वेदिक फार्मेसियों को लाइसेंस तथा 47 को लोन लाइसेंस जारी किए गए हैं। इनमें 120 फार्मेसियां बंद हो चुकी हैं।
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