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शहर की लोकल बसों का भी बनेगा ज्वाइंट टाइम टेबल
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समयसारिणी के अभाव में हो रहे विवाद
लंबी दूरी की बसों के लिए लागू हो चुकी है समयसारिणी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी और निजी बसों की संयुक्त समयसारिणी न होने से आए दिन बस चालकों और परिचालकों में विवाद हो रहा है। इतना ही नहीं बसों के मनमाने तरीके से चलने से लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के बस ऑपरेटर भी बसों की संयुक्त समयसारिणी बनाने की मांग उठा रहे हैं।
शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व महासचिव अमित चड्ढा ने कहा कि ज्वाइंट टाइम टेबल के अभाव में बसों के चालकों-परिचालकों में विवाद हो रहा है। ज्वाइंट टाइम टेबल बनाकर लागू कर दिया जाता है तो लोगों को भी निर्धारित अंतराल पर बसें मिलेंगी। राजेंद्रा ट्रेवल के संचालक राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि साल 2000 में उन्हें विकासनगर से समरहिल रूट दिया था। रूट तय करने के लिए 25 मिनट का समय था। 2006 में रूट विकासनगर से बढ़ाकर पंथाघाटी कर दिया और समरहिल के लिए वाया बालूगंज के स्थान पर वाया चक्कर व्यवस्था लागू कर दी गई लेकिन समय 25 मिनट से आगे नहीं बढ़ाया गया। इन दिनों बसों को पंथाघाटी में मोड़ने पर मनाही है पासपोर्ट आफिस से आगे जाकर बस मोड़नी पड़ती है। 25 मिनट में रूट पूरा नहीं होता इसलिए परिवहन निदेशक से टाइम टेबल में बदलाव का आग्रह किया था लेकिन राहत नहीं मिली। बस आपरेटर कमलेश, वीरेंद्र राणा, अजय पंत और हरी किशन ने परिवहन विभाग से बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल बनाकर विवादों को खत्म करने का आग्रह किया है।
ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की प्रक्रिया शुरू
आरटीओ शिमला मंजीत शर्मा ने बताया कि शहर में चलने वाली एचआरटीसी और निजी बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एचआरटीसी के अधिकारियों और प्राइवेट बस ऑपरेटरों की बैठक बुलाकर आम सहमति से ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार कर लागू करवाया जाएगा।
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लंबी दूरी की बसों के लिए लागू हो चुकी है समयसारिणी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के लोकल रूटों पर चलने वाली एचआरटीसी और निजी बसों की संयुक्त समयसारिणी न होने से आए दिन बस चालकों और परिचालकों में विवाद हो रहा है। इतना ही नहीं बसों के मनमाने तरीके से चलने से लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शहर के बस ऑपरेटर भी बसों की संयुक्त समयसारिणी बनाने की मांग उठा रहे हैं।
शिमला सिटी प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व महासचिव अमित चड्ढा ने कहा कि ज्वाइंट टाइम टेबल के अभाव में बसों के चालकों-परिचालकों में विवाद हो रहा है। ज्वाइंट टाइम टेबल बनाकर लागू कर दिया जाता है तो लोगों को भी निर्धारित अंतराल पर बसें मिलेंगी। राजेंद्रा ट्रेवल के संचालक राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि साल 2000 में उन्हें विकासनगर से समरहिल रूट दिया था। रूट तय करने के लिए 25 मिनट का समय था। 2006 में रूट विकासनगर से बढ़ाकर पंथाघाटी कर दिया और समरहिल के लिए वाया बालूगंज के स्थान पर वाया चक्कर व्यवस्था लागू कर दी गई लेकिन समय 25 मिनट से आगे नहीं बढ़ाया गया। इन दिनों बसों को पंथाघाटी में मोड़ने पर मनाही है पासपोर्ट आफिस से आगे जाकर बस मोड़नी पड़ती है। 25 मिनट में रूट पूरा नहीं होता इसलिए परिवहन निदेशक से टाइम टेबल में बदलाव का आग्रह किया था लेकिन राहत नहीं मिली। बस आपरेटर कमलेश, वीरेंद्र राणा, अजय पंत और हरी किशन ने परिवहन विभाग से बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल बनाकर विवादों को खत्म करने का आग्रह किया है।
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ज्वाइंट टाइम टेबल बनाने की प्रक्रिया शुरू
आरटीओ शिमला मंजीत शर्मा ने बताया कि शहर में चलने वाली एचआरटीसी और निजी बसों का ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एचआरटीसी के अधिकारियों और प्राइवेट बस ऑपरेटरों की बैठक बुलाकर आम सहमति से ज्वाइंट टाइम टेबल तैयार कर लागू करवाया जाएगा।
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