इस जेल के कैदी ने 23 दिन बाद तोड़ी भूख हड़ताल, लगाए ये संगीन आरोप
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केंद्रीय आदर्श कारागार नाहन में एनडीपीएस के मामले में सजा भुगत रहे एक कैदी ने 23 दिन बाद भूख हड़ताल तोड़ी। वह एक अगस्त से भूख हड़ताल पर था। कांगड़ा के जवाली निवासी कैदी प्रहलाद शर्मा ने उसे नाहन जेल से दूसरे जेल में ट्रांसफर करने की मांग करने के साथ ही जेल वार्डरों पर मारपीट के संगीन आरोप लगाए हैं। कैदी की तबीयत बिगड़ी तो 18 अगस्त को उसे मेडिकल कॉलेज नाहन में भर्ती कराया गया।
जेल प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को इस बारे में पत्र लिखकर अवगत करवाया है। इसके बाद डीएसपी मुख्यालय पदम देव ने अस्पताल पहुंचकर उसे समझाया और जूस पिलाकर भूख हड़ताल तोड़ी। उधर, जेल प्रशासन ने कैदी के तमाम आरोपों को निराधार बताया है। प्रशासन का कहना है कि उक्त कैदी जेल का माहौल बिगाड़ रहा है। इससे पहले प्रदेश की अन्य जेलों में भी उसका व्यवहार ठीक नहीं रहा है।
प्रहलाद की पत्नी सीमा कुमारी ने आरोप लगाया है कि वह एक सप्ताह से जेल में फोन कर पति के स्वास्थ्य की जानकारी लेना चाह रही है, लेकिन उसे कोई जवाब नहीं मिल रहा। छह अगस्त को जब वह अपने पति से मिलने पहुंची तो उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। सीमा ने प्रधानमंत्री, गृह सचिव हिमाचल, उपायुक्त सिरमौर और जेल के अधीक्षक को इसकी शिकायत भेजी है। उसने आरोप लगाया कि उसके पति को जान से मारने तक की धमकी दी जा रही है।
क्या कहते हैं डीएसपी
जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को पत्र मिला है। कैदी एक अगस्त से भूख हड़ताल पर था। 18 अगस्त को तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। उसकी मांग है कि उसे नाहन से धर्मशाला जेल ट्रांसफर किया जाए। उसे समझाकर हड़ताल तोड़ दी गई है। आगामी कार्यवाही जारी है। -परमदेव डीएसपी हेडक्वार्टर
क्या कहता है जेल प्रशासन
प्रहलाद का व्यवहार ठीक नहीं है। वह जेल का अनुशासन भंग कर रहा है। एक बार तो उसने कुर्सी तोड़कर संतरी पर ही हमला किया था। वह जिस जेल में भी गया, उसने ऐसा ही व्यवहार किया। यहां पर उसके साथ किसी तरह की कोई मारपीट नहीं हुई। तमाम आरोप निराधार है। .....विकास भटनागर, उप अधीक्षक, नाहन जेल