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शिक्षा विभाग घोटाले में घिरी सरकार, धूमल ने साधा निशाना

Thu, 10 Sep 2015 06:26 PM IST
Updated Thu, 10 Sep 2015 06:26 PM IST
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prem kumar dhumal statement over education board scam.

पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। पहले हरे और बिना मार्क किए पेड़ों का अवैध कटान हो रहा था, अब तो बोर्ड और कुर्सियां खरीदने के मामले में भी करोड़ों का घोटाला हो रहा है। कहा कि मुख्यमंत्री के चुनाव क्षेत्र में 400 से ज्यादा देवदार के पेड़ काटे गए। मुख्यमंत्री ने इस भ्रष्टाचार को यह कहकर दबा दिया कि ये पेड़ नहीं झाड़ियां थीं।

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जिन पेड़ों की मार्किंग हुई, वे पेड़ तो काटे ही नहीं गए। अब स्कूलों के लिए जो बोर्ड और कुर्सियां खरीदी गई हैं, उनमें करोड़ों के घोटाले का आरोप लगा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। शिक्षा विभाग में पहले वर्दी घोटाला हुआ। वर्दियां आज तक बच्चों को नहीं मिलीं। उसके लिए मुख्यमंत्री ने दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डाली।
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एफआईआर के आदेश दिए, लेकिन छह बार के मुख्यमंत्री के प्रशासन का हाल यह है कि न तो एफआईआर हुई और न ही कोई दोषी पाया गया। मुख्यमंत्री के ही पास लोक निर्माण विभाग है। अधिकारियों को डिमोट करने की धमकी देते हैं, सड़कों की स्थिति सुधरने की बजाय बिगड़ जाती है। न कोई डिमोट होता है और न मुख्यमंत्री उसके बाद इस समस्या पर कोई शब्द बोलते हैं।

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हारे लोगों पर खर्च रहे अरबों

prem kumar dhumal statement over education board scam.

धूमल ने कहा कि मुख्यमंत्री नए जिले बनाने की बात को फिजूलखर्ची बताकर रद्द कर देते हैं। प्रशासन का खर्चा इनको फिजूलखर्ची लगता है, पर हारे हुए लोगों को सलाहकार, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाकर उनके वेतन, गाड़ियों, स्टाफ और बंगलों तथा टीए/डीए पर अरबों रुपयों का खर्च इनके लिए विकासात्मक काम है।

हताश हो गए हैं मुख्यमंत्री
धूमल ने कहा जनता शिकायत करती है कि डिपुओं पर राशन नियमित तौर पर तथा एकमुश्त नहीं मिलता और घटिया किस्म का आटा और दाल मिल रही है तो जवाब मिलता है इसकी रोटी बनाओ और मंत्री को खिलाओ। क्या यह किसी मुख्यमंत्री की ओर से जनसमस्याओं के समाधान का तरीका है या मुख्यमंत्री की हताशा है?

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