Pratibha Singh Statement: प्रतिभा सिंह बोलीं- पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में करोड़ों का लेनदेन
प्रतिभा सिंह ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हमेशा प्राथमिकता देते रहे। वीरभद्र सिंह ने सड़क निर्माण के लिए हेलीकॉप्टर से मशीनों को डोडरा क्वार पहुंचाया था। मौजूदा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार जनता को केवल लुभावने वादे कर ठगने का काम कर रही है।
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हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है। घोटाले में हिमाचल पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। पेपर लीक मामले में सरकार की संलिप्तता के कारण सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने में जानबूझ कर देरी कर रही है। सरकारी तंत्र इस मामले से जुड़े सारे साक्ष्य मिटाने में लगा है। प्रतिभा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के विकास को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हमेशा प्राथमिकता देते रहे। वीरभद्र सिंह ने सड़क निर्माण के लिए हेलीकॉप्टर से मशीनों को डोडरा क्वार पहुंचाया था।
मौजूदा केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार जनता को केवल लुभावने वादे कर ठगने का काम कर रही है। अटल टनल बनने के बाद भी लाहौल में पर्यटन के विस्तार के लिए कोई काम नहीं हुआ है। तांदी संगम में अगर स्थानीय लोग प्रस्तावित बिजली परियोजना के विरोध में खड़े हैं तो वह भी उनका समर्थन करती हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में योग्यता के आधार पर महिलाओं और युवाओं को टिकट देगी। उन्होंने अग्निपथ योजना को देश के करोड़ों युवाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया।
हिमाचल की जगह बिहार में क्यों छपाए पुलिस पेपर भर्ती के पेपर : नरेश
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने डीजीपी संजय कुंडू से पूछा कि पेपर छापने के लिए बिहार की प्रिंटिंग प्रेस का चयन क्यों किया गया? प्रदेश से कौन-कौन अधिकारी पेपर छापने के लिए गए थे? उनसे अभी तक पूछताछ क्यों नहीं की गई? उन्होंने पूछा कि हिमाचल की प्रिंटिंग प्रेस में पुलिस भर्ती की परीक्षा के पेपर क्यों नहीं छापे गए? प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में पूरे देश में हिमाचल का नाम खराब हुआ है। पहली बार ऐसा हुआ है कि प्रदेश में इतने बड़े स्तर पर पुलिस भर्ती पेपर मामले में भ्रष्टाचार हुआ है। पुलिस महानिदेशक इस मामले में पत्रकार वार्ता कर अपनी और विभाग की पीठ थपथपा रहे हैं। जबकि जब इस मामले का खुलासा हुआ था, तब वे खुद आठ दिन की छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि छोटी मछलियों को पकड़ने वाली हिमाचल सरकार की एसआईटी इसके पीछे के बड़े लोगों पर क्यों हाथ नही डाल पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने खुद कहा था इस प्रकरण की जांच सीबीआई करेगी। सरकार बताए कि सीबीआई ने अभी तक जांच शुरू क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग प्रेस के कर्मचारी सुनियोजित तरीके से पेपर लीक नहीं कर सकते। चौहान ने मुख्यमंत्री से इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।