{"_id":"68ff75b7df1339e91f092ccb","slug":"physical-verification-will-be-done-before-giving-free-domestic-gas-connection-shimla-news-c-19-sml1002-622333-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: मुफ्त घरेलू गैस कनेक्शन देने से पहले होगी फिजिकल वेरिफिकेशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: मुफ्त घरेलू गैस कनेक्शन देने से पहले होगी फिजिकल वेरिफिकेशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उज्ज्वला योजना का सही लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए नई शर्त लागू, डीसी अनुपम कश्यप ने जारी किए निर्देश
शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगा अब नया कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल महिलाओं को मिलने वाले मुफ्त गैस कनेक्शन में अब फिजिकल वेरिफिकेशन (घर पर जाकर की जाने वाली जांच) करवाना अनिवार्य होगा। पंचायत सचिव आवेदनकर्ता के घर जाकर देखेगा कि गैस कनेक्शन के लिए सभी शर्तें पूरी हो रही हैं या नहीं। इसके बाद ही नया कनेक्शन मिलेगा।
योजना को लेकर सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय उज्जवला समिति की बैठक में यह निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस योजना के तहत नया गैस कनेक्शन जारी करने से पहले विभाग को फिजिकल वेरिफिकेशन करनी होगी। आवेदनकर्ता की केवाईसी होने के बाद पंचायत सचिवों के माध्यम से फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। निरीक्षण किया जाएगा कि आवेदन फार्म में जिन बातों को उल्लेख किया गया है, वह असल में सही है या नहीं। इसके बाद ही जिला स्तरीय उज्ज्वला योजना समिति के समक्ष आवेदनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सरकार एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाती है। एलपीजी कनेक्शन सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंधित महिलाओं को दिया जाता है। प्रति गैस कनेक्शन 2050 रुपये वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना को लागू करने का एक उद्देश्य यह भी है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के स्वास्थ्य की भी सुरक्षा की जा सकती है।
यह शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगा कनेक्शन
इस योजना के तहत ऐसे लोग अयोग्य माने जाएंगे जिनमें परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रुपये से अधिक मासिक आय अर्जित करता हो। व्यवसायिक कर की अदायगी या आयकर का भुगतान करने, सरकारी कर्मचारी, 50 हजार रुपये की लिमिट से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड होने, ढाई एकड़ से अधिक सिंचाई योग्य भूमि एवं एक सिंचाई उपकरण होने की स्थिति में कनेक्शन नहीं मिलेगा। पांच एकड़ से अधिक भूमि और साल की दो फसलें होती हों, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर हों, थ्री और फोर व्हीलर कृषि उपकरण हो या पहले से एलपीजी का कनेक्शन हो उसे भी अयोग्य माना जाएगा। बैठक में जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग नरेंद्र धीमान, शुभव गोयल, एरिया मैनेजर एचपीसीएल विक्रम सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगा अब नया कनेक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल महिलाओं को मिलने वाले मुफ्त गैस कनेक्शन में अब फिजिकल वेरिफिकेशन (घर पर जाकर की जाने वाली जांच) करवाना अनिवार्य होगा। पंचायत सचिव आवेदनकर्ता के घर जाकर देखेगा कि गैस कनेक्शन के लिए सभी शर्तें पूरी हो रही हैं या नहीं। इसके बाद ही नया कनेक्शन मिलेगा।
योजना को लेकर सोमवार को उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय उज्जवला समिति की बैठक में यह निर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन के अनुसार इस योजना के तहत नया गैस कनेक्शन जारी करने से पहले विभाग को फिजिकल वेरिफिकेशन करनी होगी। आवेदनकर्ता की केवाईसी होने के बाद पंचायत सचिवों के माध्यम से फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाएगी। निरीक्षण किया जाएगा कि आवेदन फार्म में जिन बातों को उल्लेख किया गया है, वह असल में सही है या नहीं। इसके बाद ही जिला स्तरीय उज्ज्वला योजना समिति के समक्ष आवेदनकर्ताओं का चयन किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत सरकार एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध करवाती है। एलपीजी कनेक्शन सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंधित महिलाओं को दिया जाता है। प्रति गैस कनेक्शन 2050 रुपये वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना को लागू करने का एक उद्देश्य यह भी है कि इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं के स्वास्थ्य की भी सुरक्षा की जा सकती है।
विज्ञापन
यह शर्तें पूरी करने पर ही मिलेगा कनेक्शन
इस योजना के तहत ऐसे लोग अयोग्य माने जाएंगे जिनमें परिवार का कोई भी सदस्य 10 हजार रुपये से अधिक मासिक आय अर्जित करता हो। व्यवसायिक कर की अदायगी या आयकर का भुगतान करने, सरकारी कर्मचारी, 50 हजार रुपये की लिमिट से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड होने, ढाई एकड़ से अधिक सिंचाई योग्य भूमि एवं एक सिंचाई उपकरण होने की स्थिति में कनेक्शन नहीं मिलेगा। पांच एकड़ से अधिक भूमि और साल की दो फसलें होती हों, थ्री व्हीलर, फोर व्हीलर हों, थ्री और फोर व्हीलर कृषि उपकरण हो या पहले से एलपीजी का कनेक्शन हो उसे भी अयोग्य माना जाएगा। बैठक में जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग नरेंद्र धीमान, शुभव गोयल, एरिया मैनेजर एचपीसीएल विक्रम सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन