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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Paralympic medalist Nishad kumar on next mission: UP CM Yogi Adityanath gave 1.5 crore

अगले मिशन पर निषाद: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए डेढ़ करोड़

Wed, 01 Dec 2021 10:37 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, अंब (ऊना)
संवाद न्यूज एजेंसी, अंब (ऊना) Published by: Krishan Singh Updated Wed, 01 Dec 2021 10:37 AM IST
सार

हिमाचल सरकार की ओर से कुछ दिन पहले ही निषाद को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया गया है। जबकि, उत्तर प्रदेश में एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी निषाद को डेढ़ करोड़ रुपये दिए हैं। इसके अलावा कई संस्थाओं की ओर से भी निषाद को सम्मानित किया गया है।

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Paralympic medalist Nishad kumar on next mission: UP CM Yogi Adityanath gave 1.5 crore
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पैरालंपिक में पदक विजेता निषाद कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पैरालंपिक में पदक विजेता हिमाचल प्रदेश के ऊना के निषाद कुमार अगले मिशन के लिए जुट गए हैं। यह मिशन है पैरा एशियन गेम्स और  पैरा वर्ल्ड एशियन गेम्स। इसके लिए 11 महीने तक बंगलूरू में विशेष अभ्यास शिविर में निषाद पसीना बहाएंगे। मेडल जीतने के बाद निषाद पर धनवर्षा हो रही है। हिमाचल सरकार की ओर से कुछ दिन पहले ही निषाद को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया

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गया है। जबकि, उत्तर प्रदेश में एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी निषाद को डेढ़ करोड़ रुपये दिए हैं। इसके अलावा कई संस्थाओं की ओर से भी निषाद को सम्मानित किया गया है। कुछ दिन पहले इन्हें अर्जुन अवार्ड भी मिल चुका है। 
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करीब तीन माह परिवार और दोस्तों के बीच समय बिताने के बाद अब निषाद कैंप के लिए रवाना होने वाले हैं। 9 से 15 अक्तूबर 2022 में चीन में पैरा एशियान गेम्स होंगे। इसके बाद पैरा विश्व चैंपियनशिप होने वाली है। दोनों प्रतियोगिता के लिए निषाद का लक्ष्य पदक जीतना है। टोक्यो पैरालंपिक में ऊंची कूद में रजत पदक जीतने के बाद से निषाद कुमार देश के एक नए खेल सितारे के रूप में उभरे हैं। 
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कभी एक कमरे में रहता था परिवार, अब अपनी जमीन होगी
एक सामान्य घर में जन्में निषाद कुमार का परिवार लोगों की जगह ठेके पर लेकर उस पर खेतीबाड़ी करता था। महज एक कमरे में गुजारा किया। आज वही परिवार अपने लिए खुद की जमीन खरीदने की तैयारियां कर रहा है। निषाद के पिता रछपाल सिंह, माता पुष्पा देवी और बहन रमा देवी भी निषाद के शिविर में जाने से पहले उसके साथ पूरा वक्त बिता रहे हैं। निषाद कुमार के मुताबिक अब वह बंगलूरू कैंप के लिए रवाना होने वाले हैं। वह अब वह लगभग 11 महीने तक घर भी नहीं आ सकेंगे।

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