Shimla: आईजीएमसी में पेट स्कैन के लिए 20 करोड़, टर्सरी कैंसर केयर सेंटर का नए ब्लॉक शुरू
पांच मंजिला इस ब्लॉक को बनाने में 13.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क के साथ बनी चौथी मंजिल की नई ओपीडी में प्रवेश करते ही मरीजों को उपचार मिलना शुरू हो जाएगा।
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आईजीएमसी शिमला के टर्सरी कैंसर केयर सेंटर के नए ब्लॉक का सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुभारंभ किया। अब मंगलवार से मरीजों को यहां पर ही ओपीडी सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। पांच मंजिला इस ब्लॉक को बनाने में 13.50 करोड़ रुपये की लागत आई है। अस्पताल जाने वाली मुख्य सड़क के साथ बनी चौथी मंजिल की नई ओपीडी में प्रवेश करते ही मरीजों को उपचार मिलना शुरू हो जाएगा। भवन में मरीजों की सुविधा के लिए इंक्वायरी काउंटर, आयुष्मान और हिमकेयर काउंटरों की सुविधा भी उपलब्ध की गई है।
वहीं तीसरी मंजिल में वार्ड और गंभीर रोगियों के एचडीयू वार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा यहां पर 20 बिस्तरों की व्यवस्था भी की गई है। इससे अब पुराने व नए भवन में बिस्तरों की कुल संख्या 65 पहुंच गई है। उधर, भवन के शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुरुष और महिला वार्डों का निरीक्षण किया। इसके अलावा मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो महीनों के भीतर कैंसर अस्पताल में पेट स्कैन मशीन की सुविधा मिल जाएगी।
इसके लिए 20 करोड़ रुपये जारी किए हैं। जबकि 7.77 करोड़ रुपये की लागत की एक सीटी सिम्युलेटर मशीन स्थापित की जा चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि 24 करोड़ रुपये की लागत की एक एलआईएनएसी मशीन स्थापित की जा रही है, जिसे 25 जनवरी 2025 तक शुरू कर दिया जाएगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, विधायक हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, प्राचार्य डॉ. सीता ठाकुर, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल राव, कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष हरिंद्र मेहता और महासचिव हनीश ठाकुर मौजूद रहे।
हमीरपुर में उत्कृष्टता केंद्र किया जा रहा स्थापित
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सही समय पर सही इलाज मिले तो कैंसर का उपचार संभव है। कहा कि हमीरपुर में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित कर रही है। नवीनतम उपचार तकनीकों पर मार्गदर्शन और देखभाल में सुधार के लिए उत्कृष्ट कैंसर विशेषज्ञ की एक राज्यस्तरीय समिति भी बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पूर्व भाजपा सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य अधोसंरचना की अनदेखी हुई है। वहीं मौजूदा सरकार चिकित्सा के बुनियादी ढांचे में सुधार कर रही है। चिकित्सक-रोगी और नर्स-रोगी अनुपात में सुधार के लिए वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान बन जाएंगे।
2 महीनों में लग जाएगी पेट स्कैन मशीन
हिमाचल में कैंसर के मरीज बढ़ रहे है। ऐसे में मरीजों को किसी तरह की परेशानी पेश न आए और उन्हें बाहरी राज्यों का रुख न करना पड़े इसलिए सरकार ने 20 करोड़ रुपये पेट स्कैन के लिए स्वीकृत किए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कैंसर अस्पताल में दो महीनों के अंदर पेट स्कैन मशीन लग जाएंगी। बता दें कि अब तक इस तरह की जांच करवाने के लिए मरीज पीजीआई चंडीगढ़ जाते है। जहां पर मरीजों को जांच करवाने के साथ रहने तक 25 से 30 हजार रुपये खर्च आ जाता है। आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के तबके के मरीजों को काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
वार्ड अटेंडेंट व सफाई कर्मियों को मिलेगी सैलेरी
आईजीएमसी कांट्रेक्ट वर्कर यूनियन के अध्यक्ष वीरेंद्र लाल ने मुख्यमंत्री को कहा कि विभिन्न जगहों पर कार्यरत वार्ड अटेंडेंट और सफाई कर्मियों को दो माह की तनख्वाह नहीं मिली है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि यह जल्द मिल जाएंगी। यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सेवाएं आगे भी जारी रखी जाएंगी।
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