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Shimla News: ढली टनल निर्माण में बजरी का संकट, लटक सकता है प्रोजेक्ट
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टनल के भीतर हो रही है बिछेगा कंकरीट
बजरी मिलने से रोकना पड़ रहा है निर्माण कार्य
नवंबर से वाहनों की आवाजाही के लिए खुलनी है नई टनल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में ढली डबललेन टनल समेत स्मार्ट सिटी मिशन के कई बड़े प्राेजेक्टों पर निर्माण सामग्री का संकट मंडरा गया है। बजरी न मिलने से ढली टनल का निर्माण भी बंद ठप होने लगा है।
पिछले एक हफ्ते से टनल में कंकरीट के काम के लिए बजरी नहीं मिल रही। टनल के भीतर करीब 155 मीटर लंबी सड़क के लिए कंकरीट बिछाई जानी है। इसके लिए अलग-अलग आकार की बजरी और गटका चाहिए। बजरी न मिलने से काम बार बार रोकना पड़ रहा है। सरकार ने बरसात में क्रशर पर रोक लगा रखी थी। अब यह रोक तो हट गई है लेकिन इनमें निर्माण सामग्री के लिए काफी मारामारी चल रही है। टनल निर्माण का काम कर रही कंपनी अब चंडीगढ़ और रामपुर से बजरी मंगवा रही है। 67 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस डबललेन टनल का काम अक्तूबर के अंत तक पूरा किया जाना है। नवंबर में इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। लेकिन निर्माण सामग्री की कमी के कारण इसका काम लटक सकता है।
टनल बनने से खत्म होगा यातायात जाम
ढली में नई डबललेन टनल बनने से यातायात जाम खत्म हो जाएगा। नई टनल में दोनों ओर से संजौली और ढली के बीच आवाजाही होगी। अभी वर्तमान टनल सिंगल लेन है और एक समय में एक तरफ से ही वाहनों की आवाजाही हो पाती है। टनल निर्माण का जिम्मा एचपीआरआईडीसी देख रहा है। शहर में पार्किंग निर्माण के कई प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि इन कार्यों के लिए अभी पर्याप्त निर्माण सामग्री उपलब्ध है।
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सरकार से करेंगे बात
इस बारे में सरकार से बात करेंगे। निर्माण सामाग्री की कमी से काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। नगर निगम ने भी शहर में राहतकार्य शुरू करवा दिए हैं, इन्हें जारी रखा जाएगा।
सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला
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बजरी मिलने से रोकना पड़ रहा है निर्माण कार्य
नवंबर से वाहनों की आवाजाही के लिए खुलनी है नई टनल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में ढली डबललेन टनल समेत स्मार्ट सिटी मिशन के कई बड़े प्राेजेक्टों पर निर्माण सामग्री का संकट मंडरा गया है। बजरी न मिलने से ढली टनल का निर्माण भी बंद ठप होने लगा है।
पिछले एक हफ्ते से टनल में कंकरीट के काम के लिए बजरी नहीं मिल रही। टनल के भीतर करीब 155 मीटर लंबी सड़क के लिए कंकरीट बिछाई जानी है। इसके लिए अलग-अलग आकार की बजरी और गटका चाहिए। बजरी न मिलने से काम बार बार रोकना पड़ रहा है। सरकार ने बरसात में क्रशर पर रोक लगा रखी थी। अब यह रोक तो हट गई है लेकिन इनमें निर्माण सामग्री के लिए काफी मारामारी चल रही है। टनल निर्माण का काम कर रही कंपनी अब चंडीगढ़ और रामपुर से बजरी मंगवा रही है। 67 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस डबललेन टनल का काम अक्तूबर के अंत तक पूरा किया जाना है। नवंबर में इसे वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जाएगा। लेकिन निर्माण सामग्री की कमी के कारण इसका काम लटक सकता है।
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टनल बनने से खत्म होगा यातायात जाम
ढली में नई डबललेन टनल बनने से यातायात जाम खत्म हो जाएगा। नई टनल में दोनों ओर से संजौली और ढली के बीच आवाजाही होगी। अभी वर्तमान टनल सिंगल लेन है और एक समय में एक तरफ से ही वाहनों की आवाजाही हो पाती है। टनल निर्माण का जिम्मा एचपीआरआईडीसी देख रहा है। शहर में पार्किंग निर्माण के कई प्रोजेक्ट भी चल रहे हैं। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि इन कार्यों के लिए अभी पर्याप्त निर्माण सामग्री उपलब्ध है।
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सरकार से करेंगे बात
इस बारे में सरकार से बात करेंगे। निर्माण सामाग्री की कमी से काम प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। नगर निगम ने भी शहर में राहतकार्य शुरू करवा दिए हैं, इन्हें जारी रखा जाएगा।
सुरेंद्र चौहान, महापौर, नगर निगम शिमला