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Shimla News: अब चमियाना में दाखिल होंगे मरीज आईजीएमसी से शिफ्ट होंगे तीन वार्ड
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न्यूरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के मरीजों को एक छत के नीचे मिलेगी ओपीडी और वार्ड सुविधा
अस्पताल प्रबंधन दस मार्च को शिफ्ट करेगा तीनों वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में 10 मार्च से वार्ड की सुविधा मरीजों को मिलना शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में अस्पताल प्रबंधन ने न्यूरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग के वार्डों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने यह जानकारी दी। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में अब तक केवल ओपीडी ही चलती थी। ओपीडी में अगर मरीजों को दाखिल करने के लिए कहा जाता था तो उन्हें दोबारा दस किलोमीटर दूर आईजीएमसी आना पड़ता था। अब एक छत के नीचे ही ओपीडी और वार्ड की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। बताया कि चमियाना अस्पताल प्रबंधन का यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। अस्पताल अब 24 घंटे संचालित होगा। इससे स्थानीय लोगों और प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अब इन विभागों के मरीजों को अलग-अलग वार्ड मिलेंगे। वहीं बेड की कमी को लेकर जो समस्या पेश आती थी वह भी खत्म हो जाएगी।
आपातकालीन सेवा आईजीएमसी में ही मिलेंगी
चमियाना अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी पहले की तरह आईजीएमसी में ही चलेंगी। रात के समय आने वाले मरीजों को आईजीएमसी में ही स्वास्थ्य सेवा मिलेगी।
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आयुष्मान मित्र आएंगे तभी चलेंगे वार्ड
चमियाना अस्पताल प्रबंधन में इंडोर सेवा शुरू करने को लेकर निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन अभी उनके पास आयुष्मान मित्र उपलब्ध नहीं हैं। आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को दाखिल होने के बाद मुफ्त उपचार की प्रक्रिया आयुष्मान मित्र ही पूरी करवाते हैं। अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि अगर यह कर्मी नहीं आए तो इंडोर सेवा शुरू करने में देरी हो सकती है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आईजीएमसी को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों की तैनाती करें। हालांकि शुक्रवार दोपहर तक तो कोई भी कर्मी यहां के लिए नहीं भेजा था।
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अस्पताल प्रबंधन दस मार्च को शिफ्ट करेगा तीनों वार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में 10 मार्च से वार्ड की सुविधा मरीजों को मिलना शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में अस्पताल प्रबंधन ने न्यूरोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और नेफ्रोलॉजी विभाग के वार्डों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया है।
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर शर्मा ने यह जानकारी दी। अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाना में अब तक केवल ओपीडी ही चलती थी। ओपीडी में अगर मरीजों को दाखिल करने के लिए कहा जाता था तो उन्हें दोबारा दस किलोमीटर दूर आईजीएमसी आना पड़ता था। अब एक छत के नीचे ही ओपीडी और वार्ड की सेवाएं मिलना शुरू हो जाएंगी। बताया कि चमियाना अस्पताल प्रबंधन का यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। अस्पताल अब 24 घंटे संचालित होगा। इससे स्थानीय लोगों और प्रदेशभर से आने वाले मरीजों को काफी राहत मिलेगी। अब इन विभागों के मरीजों को अलग-अलग वार्ड मिलेंगे। वहीं बेड की कमी को लेकर जो समस्या पेश आती थी वह भी खत्म हो जाएगी।
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आपातकालीन सेवा आईजीएमसी में ही मिलेंगी
चमियाना अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी पहले की तरह आईजीएमसी में ही चलेंगी। रात के समय आने वाले मरीजों को आईजीएमसी में ही स्वास्थ्य सेवा मिलेगी।
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आयुष्मान मित्र आएंगे तभी चलेंगे वार्ड
चमियाना अस्पताल प्रबंधन में इंडोर सेवा शुरू करने को लेकर निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन अभी उनके पास आयुष्मान मित्र उपलब्ध नहीं हैं। आयुष्मान और हिमकेयर योजना के तहत पंजीकृत मरीजों को दाखिल होने के बाद मुफ्त उपचार की प्रक्रिया आयुष्मान मित्र ही पूरी करवाते हैं। अस्पताल प्रबंधन का तर्क है कि अगर यह कर्मी नहीं आए तो इंडोर सेवा शुरू करने में देरी हो सकती है। अस्पताल सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों ने आईजीएमसी को निर्देश दिए हैं कि वह अपने यहां पर काम कर रहे कुछ कर्मचारियों की तैनाती करें। हालांकि शुक्रवार दोपहर तक तो कोई भी कर्मी यहां के लिए नहीं भेजा था।